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Up Kiran, Digital Desk: भारतीय परंपरा में पायल का महत्व सिर्फ एक आभूषण के रूप में नहीं, बल्कि एक गहरे सांस्कृतिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी देखा जाता है। यह न केवल महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगाती हैं, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन की सुख-समृद्धि से भी जुड़ी हैं। भारतीय वेदों और शास्त्रों में पायल को एक महत्वपूर्ण और पवित्र धातु माना गया है, और इसके पहनने से जुड़ी कुछ खास ज्योतिषीय नियम भी हैं। हालांकि, आजकल महिलाएं फैशन के अनुसार पायल पहनती हैं, लेकिन बिना सही ज्ञान के ये आदतें उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। आइए जानें कि पायल पहनते समय कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए और किससे बचना चाहिए।

1. सोने की पायल से बचें

बहुत से लोग सोने की पायल पहनने को फैशन मानते हैं, लेकिन ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, यह एक गलत प्रथा है। सोना भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की प्रिय धातु मानी जाती है। इसे पैरों में पहनना शास्त्रों के अनुसार अशुभ होता है, क्योंकि इससे घर में लक्ष्मी का वास नहीं हो पाता। इसके अलावा, सोना शरीर में गर्मी उत्पन्न करता है, जबकि चांदी शीतलता देती है। यदि आप पैरों में सोना पहनती हैं, तो इससे आपके शरीर का तापमान असंतुलित हो सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

2. चांदी की पायल है सर्वश्रेष्ठ

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो, चांदी की पायल को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से होता है, जो मन की शांति और सुख-समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं। चांदी की पायल पहनने से मानसिक स्थिति बेहतर रहती है और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है। इसके अलावा, चांदी शरीर के हड्डियों को मजबूत बनाती है और शरीर की नकारात्मक ऊर्जा को बाहर जाने से रोकती है।

3. पायल की आवाज: एक खास प्रभाव

आजकल कुछ महिलाएं मूक पायल पहनने का चलन अपनाती हैं, लेकिन ज्योतिष में इसे शुभ नहीं माना जाता। पायल में घुंघरू होने चाहिए, क्योंकि उनकी छन-छन की आवाज से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पायल की आवाज से घर में देवी लक्ष्मी का आगमन माना जाता है, और यह दैवीय शक्तियों को सक्रिय करने में मदद करती है। यदि आपको शांत पायल पहननी होती है, तो घर पर घुंघरू वाली पायल पहनने का प्रयास करें।

4. अपनी पायल किसी और को न दें

भारतीय संस्कृति में गहनों का व्यक्तिगत महत्व बहुत अधिक है, और यह ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। अपनी पायल किसी दूसरे व्यक्ति को देना आपके सौभाग्य को प्रभावित कर सकता है। ऐसा करने से आपकी सकारात्मक ऊर्जा और भाग्य उस व्यक्ति के पास चला जाता है। यह आपके वैवाहिक जीवन में भी तनाव उत्पन्न कर सकता है, इसलिए अपनी पायल को कभी भी किसी अन्य महिला को न दें।

5. काली पायल: शनि का प्रभाव

हाल के वर्षों में काली पायल पहनने का फैशन बढ़ा है, लेकिन ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, यह केवल शनि दोष को दूर करने के लिए होती है। अगर आप दोनों पैरों में काली पायल पहन रही हैं, तो इससे शुक्र ग्रह पर बुरा असर पड़ सकता है, जो आपके प्रेम संबंधों और वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकता है। इसलिए काली पायल पहनने से पहले अपनी कुंडली में शनि की स्थिति जरूर चेक करें।