img

Up Kiran, Digital Desk: आजकल के दौर में जब डेटिंग ऐप्स, हुकअप कल्चर और सिचुएशनशिप का चलन तेजी से बढ़ रहा है, तब Gen Z लड़कियां एक नए और गहरे रिश्ते की तलाश में हैं। खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक ट्रेंड देखा जा रहा है, जहां लड़कियां कहती हैं, "चाहिए तो शिव जैसा पार्टनर।" आईये जानते हैं क्यों।

1. स्थिरता और शांति की चाहत

आज का समय अनिश्चितताओं और मानसिक दबाव से भरा हुआ है। जेन-जेड की पीढ़ी मानसिक तनाव और चिंताओं से घिरी हुई है। ऐसे में वे एक ऐसे जीवनसाथी की तलाश में हैं, जो स्थिरता और शांति का प्रतीक हो। भगवान शिव का व्यक्तित्व हमेशा स्थिरता और शांति का प्रतिनिधित्व करता है। वे हिमालय की तरह अडिग और शांत हैं। यही वजह है कि आज की लड़कियां एक ऐसे साथी की तलाश में हैं, जो मुश्किल समय में उनका सहारा बने, न कि किसी इमोशनल ड्रामा का हिस्सा बने।

2. समानता और सह-अस्तित्व

आधुनिक महिलाएं सिर्फ ‘फेमिनिज़्म’ की बात नहीं करतीं, बल्कि वे असल में समानता और सह-अस्तित्व की चाह रखती हैं। भगवान शिव का अर्धनारीश्वर रूप इस विचारधारा को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है। इसमें यह संदेश है कि पुरुष और महिला दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। भगवान शिव की यह अवधारणा जेन-जी को बेहद आकर्षित करती है, क्योंकि वे एक ऐसा रिश्ते चाहती हैं, जिसमें दोनों पार्टनर का सम्मान हो, न कि किसी का अस्तित्व दबाया जाए।

3. रिश्तों में ग्रीन फ्लैग

सोशल मीडिया पर इन दिनों 'Red Flags' (सावधानियां) को लेकर काफी चर्चा होती है। इसके विपरीत, भगवान शिव को एक 'ग्रीन फ्लैग' के रूप में देखा जाता है। वे रिश्तों में बिना शर्त प्यार और सच्चाई का प्रतीक हैं। शिव ने सती के वियोग में तांडव किया, और पार्वती की कठोर तपस्या को स्वीकार किया। यह वफादारी और समर्पण का आदर्श है, जिसे आज की युवा पीढ़ी रिलेशनशिप गोल्स मानती है। इसके अलावा, शिव वैरागी हैं, जो दिखावे से दूर रहते हैं। यही वजह है कि जेन-जी फेक लाइफस्टाइल से ऊब चुकी है और अब असलियत की तलाश में है।

4. स्वीकृति और बिना जजमेंट के प्यार

भगवान शिव का व्यक्तित्व बहुत ही समावेशी है। वे पशुपति हैं, जो समाज द्वारा नकारे गए भूत-प्रेत, सांपों और अन्य असामान्य जीवों को भी गले लगाते हैं। यही बात आज की महिलाएं अपने पार्टनर से चाहती हैं। वे चाहती हैं कि उनका जीवनसाथी उन्हें बिना किसी शर्त के स्वीकार करे, उनकी कमियों, मानसिक तनाव और व्यक्तिगत चुनौतियों को समझे। इसके लिए उन्हें कोई ऐसा साथी चाहिए, जो न केवल प्यार करे, बल्कि बिना किसी जजमेंट के उनका साथ दे।

5. विषपान की क्षमता और समझदारी

भगवान शिव को नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने संसार को बचाने के लिए विष का पान किया था। इस संदर्भ में, जेन-जी एक ऐसे साथी की तलाश में हैं, जो रिश्ते की कड़वाहट और तनाव को बिना टूटे झेल सके। उनका साथी वह होना चाहिए जो बाहरी दबाव और व्यक्तिगत संघर्षों को समझे और रिश्ते को टूटने न दे। शिव के रूप में वे एक ऐसे रक्षक की कल्पना करती हैं, जो सिर्फ पितृसत्तात्मक दबाव से नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करने वाला हो।

6. मानसिकता का परिवर्तन

यह नया ट्रेंड असल में ‘टॉक्सिक मैस्क्युलिनिटी’ के खिलाफ एक विद्रोह की तरह है। लंबे समय तक फिल्मों और समाज ने 'एंग्री यंग मैन' या 'कंट्रोलिंग पार्टनर' को आदर्श रूप में पेश किया है, लेकिन जेन-जी ने इसे खारिज कर दिया है। उन्हें अब ऐसा पार्टनर चाहिए जो प्यार में समर्पण करना जानता हो, न कि ऐसा जो हर वक्त हक जताए। इस बदलते नजरिए में भगवान शिव की संपूर्णता और समर्पण का आदर्श साफ नजर आता है।