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Up Kiran, Digital Desk: प्रयागराज जिले के बलरामपुर गांव में एक ऐसी शादी हुई, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। यह कहानी न केवल प्रेम और शादी की है, बल्कि धोखे, पुलिस की कार्रवाई और सामाजिक दबाव के ताने-बाने में भी बसी हुई है। एक तरफ़ जहां मनीषा और विनोद की प्रेम कहानी ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया, वहीं उनके रिश्ते की असलियत ने कानून और समाज के बीच सवाल भी खड़ा कर दिया है।

वादा तोड़ा, धोखा दिया

मनीषा और विनोद की मुलाकात पांच साल पहले एक पारिवारिक समारोह में हुई थी, जहां से दोनों के बीच प्यार का सिलसिला शुरू हुआ। विनोद ने मनीषा से शादी का वादा किया और धीरे-धीरे उसे अपने विश्वास में ले लिया। हालांकि, मनीषा के मुताबिक, इस रिश्ते का असली मकसद केवल शादी नहीं था। विनोद उसे अक्सर अपने दोस्तों के घर लेकर जाता और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता। इस दौरान, उसने मनीषा की कई तस्वीरें और वीडियो भी ले लिए थे, जिनका बाद में इस्तेमाल करने का आरोप भी मनीषा ने लगाया।

दिसंबर के आखिरी महीने में, जब मनीषा ने शादी के लिए विनोद पर भरोसा जताया, तो उसने अचानक अपना वादा तोड़ दिया। विनोद ने मनीषा से कहा कि अब वह उससे शादी नहीं करेगा और इसके बाद उसने मनीषा के मोबाइल से उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी हटा दिए। इस धोखे से मनीषा बेहद आहत हुई और उसने कानून का सहारा लेने का फैसला किया।

पुलिस और पंचायत की भूमिका

मनीषा ने अपनी मां के साथ उतरांव थाना में जाकर विनोद के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और विनोद के घर छापेमारी शुरू कर दी। इससे परिवार पर दबाव बढ़ा और गांव के प्रधान की उपस्थिति में एक पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने यह फैसला लिया कि इस कानूनी उलझन से बचने के लिए विनोद और मनीषा की शादी कराना ही सबसे अच्छा उपाय होगा। 12 जनवरी को कोर्ट में उनकी शादी का दिन तय किया गया।

कचहरी में हाई-वोल्टेज ड्रामा

12 जनवरी को मनीषा ने कचहरी में पहुंचकर कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन विनोद गायब था। पुलिस ने विनोद के परिवार को चेतावनी दी कि अगर वह नहीं आया तो उसे जेल भेजा जाएगा। इसके बाद विनोद को अपनी बहन के साथ कचहरी पहुंचना पड़ा। वहां गवाहों के सामने कागजात पर दस्तखत हुए और आखिरकार दोनों की शादी हो गई। फिर, मंदिर जाकर दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और विनोद ने मनीषा की मांग में सिंदूर भर दिया।

शादी तो हो गई, लेकिन मनीषा की विदाई तुरंत नहीं हो पाई। विनोद ने अभी तक अपने माता-पिता से इस शादी की मंजूरी नहीं ली थी। उसने मनीषा से कहा कि वह जल्द ही अपने घरवालों को मना लेगा और अगर वे नहीं माने तो वह मनीषा के साथ अलग किराए के मकान में रहेगा।