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Up Kiran, Digital Desk: ठंडी में अक्सर लोग मामूली खांसी, छींक या हल्का बुखार होने पर उसे सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मगर यदि आपकी खांसी के साथ सीने में दर्द या सांस लेने में समस्या हो रही हो, तो यह निमोनिया के संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, निमोनिया का समय पर इलाज न होना जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

निमोनिया क्या है और यह शरीर पर कैसे असर डालता है?

निमोनिया एक गंभीर संक्रमण है, जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह संक्रमण फेफड़ों के वायु थैलियों में सूजन का कारण बनता है। गंभीर अवस्था में फेफड़ों में पानी या मवाद भर सकता है, जिससे शरीर के लिए आवश्यक ऑक्सीजन का प्रवाह मुश्किल हो जाता है। जब फेफड़े ठीक से काम नहीं करते, तो शरीर के अन्य अंगों को भी पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जो अंततः कई समस्याओं का कारण बन सकता है।

निमोनिया के लक्षणों पर ध्यान दें

निमोनिया के लक्षण सामान्य फ्लू से मिलते-जुलते हो सकते हैं, लेकिन वे बहुत तेज और गंभीर होते हैं। यह लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

तेज बुखार और कंपकंपी
अचानक शरीर में तेज बुखार के साथ ठंड लगना और कंपकंपी महसूस होना।

खांसी और कफ
लगातार खांसी का आना और कफ के साथ कभी-कभी खून का आना।

सांस में तकलीफ
सांस लेते समय सीने में तेज दर्द और सांस फूलने के साथ दिल की धड़कन का बढ़ जाना।

रंग में बदलाव
ऑक्सीजन की कमी के कारण होंठों या नाखूनों का नीला पड़ जाना।

अन्य लक्षण
अत्यधिक थकान, भूख में कमी, उल्टी या दस्त जैसी समस्याएं और शरीर में पानी की कमी।

कितने समय में होता है सुधार?

निमोनिया से उबरने का समय संक्रमण की गंभीरता, उम्र और इलाज पर निर्भर करता है। यदि इलाज सही समय पर शुरू किया जाए, तो 1 से 2 हफ्ते में स्थिति में सुधार हो सकता है। हालांकि, पूरी तरह से स्वस्थ होने में कभी-कभी 40 दिन या उससे भी अधिक का समय लग सकता है।