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Up Kiran, Digital Desk: प्रयागराज के संगम तट पर माघ मेला 2026 अब अपने निर्णायक और सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है। मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा के स्नान शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद अब श्रद्धालुओं की भीड़ उस दिन का इंतजार कर रही है जिसे माघ मेले की आत्मा माना जाता है। प्रशासन से लेकर कल्पवासी तक सभी की निगाहें अब तीसरे मुख्य स्नान पर्व पर टिकी हुई हैं।

अब किस दिन उमड़ेगा आस्था का महासैलाब

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या को होता है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 18 जनवरी सोमवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन संगम में स्नान करने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि मौन धारण कर स्नान और दान करने से अत्यंत पुण्य की प्राप्ति होती है।

मौनी अमावस्या का स्नान समय

श्रद्धालुओं के लिए मौनी अमावस्या का स्नान मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से लेकर 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। इसी अवधि में संगम तट पर सबसे अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है।

कल्पवासियों के लिए क्यों अहम है यह दिन

माघ महीने में कल्पवास कर रहे साधकों के लिए मौनी अमावस्या साधना का सर्वोच्च अवसर मानी जाती है। इस वर्ष तिथि सोमवार को होने से यह सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग भी बना रही है। मान्यता है कि इस दिन स्नान से पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।