UP Kiran,Digital Desk: रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में जम्मू-कश्मीर ने अपनी ऐतिहासिक जीत से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया। पिछले 67 वर्षों में पहली बार इस टीम ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। खास बात ये है कि यह सफलता सिर्फ टीम की मेहनत का नतीजा नहीं, बल्कि युवा तेज़ गेंदबाज़ औक़िब नबी के बेहतरीन प्रदर्शन के कारण हासिल हुई। जम्मू-कश्मीर ने इस मैच में मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर अपनी पहचान बनायी।
औक़िब नबी का शानदार प्रदर्शन
29 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ औक़िब नबी ने इस मुकाबले में अपना करियर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। नबी ने मैच के दोनों पारियों में कड़ी मेहनत दिखाई। पहली पारी में उन्होंने 7 विकेट लेकर मध्य प्रदेश की पारी को तहस-नहस कर दिया, जबकि दूसरी पारी में 5 विकेट झटकते हुए अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। नबी ने कुल 110 रन देकर 12 विकेट अपने नाम किए और अब उनका नाम भारतीय टीम में चयन के लिए भी चर्चा में आ गया है।
मध्य प्रदेश का पीछा हुआ असफल
जम्मू-कश्मीर द्वारा दिए गए 291 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश की टीम केवल 234 रन ही बना सकी। शनिवार को 84/5 से आगे खेलते हुए मध्य प्रदेश की टीम जल्द ही दबाव में आ गई। वेंकटेश अय्यर की 104 रन की पारी के बावजूद मध्य प्रदेश की टीम अंतिम संघर्ष में नाकाम रही। अय्यर के आउट होने के बाद टीम की उम्मीदें टूट गईं।
सरांश जैन का संघर्ष
मध्य प्रदेश के लिए सरांश जैन ने 81 गेंदों में 64 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली। शुबम शर्मा (32) और रामवीर गुर्जर (11) के साथ उन्होंने कुछ साझेदारियां भी कीं। लेकिन औक़िब नबी ने उनका साहस तोड़ा और जम्मू-कश्मीर की जीत सुनिश्चित की। अंत में आर्यन पांडे (22) का विकेट गिरने के साथ ही जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच लिया।
सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर
इस ऐतिहासिक जीत के साथ जम्मू-कश्मीर की टीम रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट चरण में छह साल बाद वापस लौटी है। अब वह सेमीफाइनल में आंध्र प्रदेश और बंगाल के बीच खेले जाने वाले क्वार्टरफाइनल के विजेता से मुकाबला करेगी। दूसरे सेमीफाइनल में उत्तराखंड और कर्नाटक की टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी।




