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Up kiran,Digital Desk : उत्तराखंड के मतदाताओं के लिए यह खबर थोड़ी सिर चकराने वाली हो सकती है, लेकिन बेहद जरूरी है। चुनाव आयोग ने जांच-पड़ताल (SIR) के लिए साल 2003 की पुरानी मतदाता सूची जारी तो कर दी है, लेकिन इसमें अपना नाम खोजना किसी पहेली से कम नहीं है।

अगर आप वेबसाइट पर जाकर अपनी आज की विधानसभा (जैसे रायपुर या लालकुआं) खोज रहे हैं, तो परेशान हो जाएंगे क्योंकि आपको वो नाम वहां मिलेगा ही नहीं।

आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?

बात दरअसल यह है कि पिछले 22 सालों में उत्तराखंड का राजनीतिक नक्शा काफी बदल चुका है। 2008 में जब परिसीमन (Delimitation) हुआ, यानी चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं दोबारा तय की गईं, तो करीब 18 विधानसभा सीटें नक्शे से गायब हो गईं और उनकी जगह नए नामों ने ले ली।

सीधे शब्दों में कहें तो, जिस इलाके को आज आप 'धर्मपुर' या 'कालाढूंगी' के नाम से जानते हैं, 2003 में उनका वजूद ही नहीं था। इसलिए अगर आप आज के नाम से अपना रिकॉर्ड खोजेंगे, तो कंप्यूटर आपको खाली हाथ लौटा देगा।

ये 18 सीटें अब इतिहास बन चुकी हैं (जानिए क्या बदला)

अगर आप नीचे दिए गए जिलों में रहते हैं, तो अपना पुराना रिकॉर्ड ढूंढने के लिए आपको यह पता होना चाहिए कि 2003 में आपका क्षेत्र किस नाम से जाना जाता था:

  • देहरादून वाले ध्यान दें: 2003 में 'लक्ष्मणचौक' और 'देहरादून' नाम की सीटें थीं। आज की लोकप्रिय सीटें जैसे धर्मपुर, रायपुर और कैंट उस वक्त लिस्ट में थीं ही नहीं।
  • चमोली: उस समय नंदप्रयाग और पिंडर सीटें हुआ करती थीं, जो अब बदलकर 'थराली' बन चुकी हैं।
  • हरिद्वार: अगर आप आज भेल रानीपुर, ज्वालापुर या खानपुर में रहते हैं, तो पुराने रिकॉर्ड में इकबालपुर, लंढौरा या लालढांग खोजें।
  • नैनीताल और उधमसिंह नगर: उस वक्त मुक्तेश्वर, धारी, पंतनगर-गदरपुर जैसी सीटें थीं। आज इनकी जगह लालकुआं, भीमताल, किच्छा और नानकमत्ता जैसी सीटों ने ले ली है।
  • पौड़ी और अल्मोड़ा: धूमाकोट, थलीसैंण, कनालीछीना (पिथोरागढ़) और भिकियासैंण जैसे नाम अब बदल चुके हैं।

तो अब अपना नाम कैसे खोजें? (आसान तरीका)

परेशान होने की जरूरत नहीं है, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट (ceo.uk.gov.in) पर नाम खोजने का जुगाड़ भी मौजूद है।

  1. पुराना कार्ड ढूंढें: अगर आपके पास या आपके माता-पिता के पास 2003 के समय का कोई पुराना वोटर आईडी कार्ड रखा है, तो उसका नंबर (EPIC Number) डालें। यह सबसे पक्का तरीका है।
  2. एडवांस सर्च करें: अगर कार्ड नहीं है, तो विधानसभा का नाम डालने की बजाय 'Advanced Search' विकल्प चुनें। वहां अपना नाम, पिता का नाम और उम्र का अंदाज़ा लगाकर सर्च करें। इससे आपको सही जानकारी मिल जाएगी।

तो कंप्यूटर पर गुस्सा करने से पहले, अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र का नाम अपने बड़ों से जरूर पूछ लें।