Up Kiran, Digital Desk: झांसी जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक दिलचस्प लेकिन चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जमीन अधिग्रहण से मिली मुआवजे की रकम ने एक परिवार की खुशहाल जिंदगी को उलट-पलट कर रख दिया। यह मामला एक महिला के द्वारा अपने पति को धोखा देने और उसके साथ लाखों के जेवरात और मुआवजे की राशि लेकर भाग जाने का है। इससे न केवल पति को गहरा मानसिक आघात पहुंचा, बल्कि इस घटना ने समाज में पारिवारिक रिश्तों की सच्चाई और मुआवजे के वितरण के बाद की असुरक्षा की समस्या को भी उजागर किया है।
मुआवजा: परिवार का भविष्य या संकट का कारण?
चंदन अहिरवार ने बताया कि उनके पिता ग्यासी अहिरवार की ज़मीन बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) के तहत अधिग्रहित की गई थी। इसके बदले उन्हें मुआवजा मिला था, जिसे ग्यासी ने अपने तीन बेटों – जगत, अर्जुन और चंदन में बराबरी से बांट दिया। चंदन को कुल आठ लाख रुपये मिले थे, जिनसे वह अपने भविष्य के लिए मकान बनवाने का प्लान बना रहे थे।
लेकिन क्या यही मुआवजा उनके परिवार के लिए संजीवनी साबित हुआ या फिर यह परिवार में तनाव और धोखाधड़ी का कारण बना? चंदन के अनुसार इस रकम का इस्तेमाल कर वह अपने परिवार को एक सुरक्षित भविष्य देना चाहते थे, परंतु यह पैसा उनके लिए सबसे बड़े संकट का कारण बन गया।
प्यार, धोखा और भागना: परिवार का विभाजन
चंदन की पत्नी रेशमा से उनकी शादी लगभग पांच साल पहले हुई थी और उनके एक बेटा और एक बेटी भी हैं। शादी के कुछ समय बाद ही रेशमा के पड़ोस में रहने वाले युवक अभिषेक अहिरवार से प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे। घर में इसे लेकर बार-बार विवाद होते थे। चंदन का आरोप है कि रेशमा ने अपने प्रेमी के साथ लगातार संपर्क किया, जिससे उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण हो गया था।
पिछले कुछ दिनों से स्थिति इतनी बिगड़ चुकी थी कि एक दिन चंदन ने अपनी पत्नी को रंगे हाथ अभिषेक से फोन पर बात करते हुए पकड़ लिया। इसके बाद, 5 जनवरी को हुए एक विवाद में रेशमा ने चंदन पर खौलती चाय फेंक दी, जिससे वह झुलस गए। फिर अगले दिन रेशमा ने चंदन से कहा कि वह अपने माता-पिता के गांव में आयोजित भंडारे में जाने वाली है, और संक्रांति के दिन वापस आ जाएगी। चंदन ने अपनी पत्नी को प्रेमनगर स्थित नया गांव छोड़कर भेज दिया।
प्यार के लिए भागना और चोरी
लेकिन 9 जनवरी को एक नया मोड़ आया। भंडारे के दिन, जब चंदन के परिवार के सभी सदस्य मंदिर गए हुए थे, तब रेशमा ने यह बहाना बनाया कि उसकी तबीयत खराब है और वह मंदिर नहीं जाएगी। इसी मौके पर वह अपनी बेटी को लेकर अपने प्रेमी अभिषेक के साथ फरार हो गई। जब चंदन ने उसकी तलाश की, तो पता चला कि उसकी पत्नी का फोन नंबर उसी व्यक्ति का था जिसे वह पहले से संदिग्ध मान रहा था।
चंदन ने जब घर वापस आकर जांच की तो यह और भी चौंकाने वाला था। घर से लगभग 50 हजार रुपये नकद और 5 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर गायब थे। इस घटना ने चंदन के परिवार के बीच और भी विवादों को जन्म दिया।
पड़ोसियों की नजर से सच
चंदन की भाभी रंजना देवी ने बताया कि रेशमा और अभिषेक के बीच प्रेम संबंध थे, और दोनों छत से इशारे करके एक-दूसरे से बात करते थे, जिससे घर में अक्सर लड़ाई होती थी। रंजना का कहना था कि रेशमा अपने साथ 5 लाख रुपये के जेवरात और 50 हजार रुपये नकद लेकर भागी। वहीं चंदन की मां, गुड्डी देवी ने भी पुष्टि की कि रेशमा चोरी-छिपे अभिषेक से बात करती थी और एक बार उसने चंदन पर खौलती चाय डाल दी थी।
मोहल्ले के कुछ लोगों के मुताबिक रेशमा घर से मुंह ढककर एक गाड़ी में बैठ कर गई थी, जो और भी रहस्यमय बना देता है।
_885797785_100x75.png)
_200989062_100x75.png)
_751129111_100x75.png)
_496936641_100x75.png)
_1277463329_100x75.png)