Up Kiran,Digital Desk: योगी सरकार ने अपने राज्यकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है, जो सरकार की भ्रष्टाचार से निपटने की नीति का हिस्सा है। यदि किसी कर्मचारी ने अपनी संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर जमा नहीं किया, तो उनका जनवरी का वेतन अब फरवरी में नहीं मिलेगा।
वेतन पर असर: 68,236 कर्मचारियों को मिलेगा झटका
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 68,236 राज्यकर्मियों ने शनिवार रात तक अपनी संपत्ति की जानकारी पोर्टल पर नहीं दी थी। इनमें से अधिकांश तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं, लेकिन उच्च श्रेणी के अधिकारी भी इस सूची में शामिल हैं। कुल 8,66,261 कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण 2025 तक के लिए अपलोड करने का आदेश दिया गया था।
कड़े कदम उठाने का आदेश
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से दिए गए आदेश के तहत यह कदम उठाया गया है। राज्य सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति के तहत सभी सरकारी विभागों को यह निर्देश दिए गए थे कि संपत्ति का विवरण न देने वालों का वेतन रोका जाएगा। यह आदेश 1956 के उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत लागू किया गया था।
कर्मचारी वर्ग पर प्रभाव
कर्मचारी वर्ग में सबसे ज्यादा असर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों पर पड़ा है, लेकिन इसमें उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारी भी शामिल हैं। इन कर्मचारियों के मामले में नोडल अधिकारी और आहरण-वितरण अधिकारी सख्त कार्रवाई करेंगे।
संपत्ति का विवरण देना क्यों है जरूरी?
यह कदम सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही मुहिम का हिस्सा है। कर्मचारियों से संपत्ति का विवरण प्राप्त करने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसी भी तरह की अनियमितताओं और गलत गतिविधियों का भी पता चल सकेगा।
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