
Tip-Off Channel: चीन ने ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करने वालों के विरुद्ध एक नया और सख्त कदम उठाया है। बीजिंग ने बुधवार को एक टिप-ऑफ चैनल की शुरुआत की घोषणा की। इसके जरिए आम जनता से अपील की गई है कि वे उन लोगों की जानकारी दें जो ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं या मुख्यभूमि चीन के साथ एकीकरण की आवाज को दबाने में शामिल हैं। इस कदम से ताइवान में हड़कंप मच गया है और इसे चीन की बढ़ती आक्रामकता के तौर पर देखा जा रहा है।
चीन के स्टेट काउंसिल के ताइवान अफेयर्स ऑफिस ने इस चैनल को शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम उन "सहयोगियों" को निशाना बनाने के लिए उठाया गया है जो चीन और ताइवान के बीच शांतिपूर्ण संबंधों को अशांति में तब्दील कर रहे हैं या पुनर्मिलन की कोशिशों को कमजोर करने में लगे हैं। इसके लिए जनता को एक विशेष ईमेल पता उपलब्ध कराया गया है, जहां वे संदिग्ध लोगों की पहचान कर रिपोर्ट कर सकते हैं। बीजिंग ने इस अभियान में ताइवान की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) को मुख्य निशाना बनाया है। चीनी सरकार का आरोप है कि DPP चीन समर्थकों को दबाने और उनके विरुद्ध दमनकारी कार्रवाई करने में जुटी है।
ताइवान के नेताओं पर "गुंडागर्दी" का आरोप
चीन के इस फरमान में ताइवान के कुछ नेताओं, सरकारी अफसरों और सोशल मीडिया पर प्रभावशाली लोगों को "गुंडों" की संज्ञा दी गई है। बीजिंग का दावा है कि ये लोग DPP के साथ मिलकर "अपराध" कर रहे हैं और चीन समर्थक आवाजों को कुचलने में सक्रिय हैं। चीनी प्रशासन ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह के उत्पीड़न का शिकार हुआ है या उसके पास इससे जुड़ी कोई ठोस जानकारी है, तो वह नए टिप-ऑफ चैनल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।
बीजिंग ने ये भी वादा किया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ये साफ नहीं किया गया कि इन "दोषियों" को किस तरह की सजा दी जा सकती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्पष्टता जानबूझकर बनाई गई है ताकि ताइवान में दहशत का माहौल पैदा हो सके।
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