Up kiran,Digital Desk : रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) के उन जवानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जो देश की सेवा में दिन-रात लगे रहते हैं. उनकी खराब आवासीय हालत को देखते हुए रेलवे ने आखिरकार एक बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली के दयाबस्ती इलाके में 6ठी बटालियन के लिए 120 बिस्तरों वाला एक ऐसा अत्याधुनिक बैरक बनाने का काम शुरू हो गया है, जो जवानों के रहने के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा.
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 34 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे सिर्फ 8 महीने के रिकॉर्ड समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. रेलवे के सूत्रों का कहना है कि इस काम में जरा भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और क्वालिटी का पूरा ध्यान रखा जाएगा.
आखिर इस नए बैरक की जरूरत क्यों पड़ी?
यह मांग कोई नई नहीं थी, बल्कि सालों से जवान इसकी राह देख रहे थे. अभी जिन बैरकों में जवान रहने को मजबूर हैं, उनमें से कई तो दशकों पुराने और जर्जर हालत में हैं. आलम यह है कि इनके अंदर न तो ठीक से रोशनी आती है, न ही साफ-सुथरे टॉयलेट और बाथरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं. इसी को देखते हुए उत्तर रेलवे ने अब यह नई और आधुनिक बैरक बनाने का फैसला किया है.
यह कोई मामूली इमारत नहीं होगी, जानें क्या होगा खास?
इस नए बैरक को बनाने में आज की सबसे आधुनिक तकनीक और बेहतरीन मैटीरियल का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि यह मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक टिकने वाली इमारत बने.
- सुरक्षा पहले: इसमें मजबूत स्टील पाइप वाली फिक्स्ड स्कैफोल्डिंग का इस्तेमाल होगा, जो काम करने वाले मजदूरों और इंजीनियरों को बेहतर सुरक्षा देगी.
- तेज और टिकाऊ निर्माण: वॉल्यूमेट्रिक शटरिंग जैसी आधुनिक तकनीक से निर्माण का काम न सिर्फ तेज होगा, बल्कि ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ भी बनेगा.
- बेहतरीन सुविधाएं: इसके अलावा, उच्च क्वालिटी की सैनिटरी फिटिंग्स और वॉटरप्रूफिंग का खास ध्यान रखा जाएगा ताकि जवानों को किसी तरह की असुविधा न हो.
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बाकी जगहों पर भी बदलेगी तस्वीर
यह तो बस शुरुआत है. आने वाले समय में RPF और RPSF के दूसरे केंद्रों पर भी इसी तरह के आधुनिक बैरक बनाए जा सकते हैं. यह बहुत जरूरी भी है, क्योंकि इन जवानों की तैनाती अक्सर संवेदनशील इलाकों में होती है और उनकी ड्यूटी के घंटे भी लंबे होते हैं. ऐसे में एक अच्छा और आरामदेह घर उनके लिए किसी से कम नहीं होगा.
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