UPSC में 50वीं और 51वीं रैंक, फिर ट्रेनिंग में प्यार; जानें छत्तीसगढ़ की सबसे युवा कलेक्टर IAS प्रतिष्ठा की कहानी

UPSC में 50वीं और 51वीं रैंक, फिर ट्रेनिंग में प्यार; जानें छत्तीसगढ़ की सबसे युवा कलेक्टर IAS प्रतिष्ठा की कहानी

उत्तराखंड के मसूरी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) देश को बेहतरीन प्रशासनिक अधिकारी देने के साथ-साथ कई अनूठी प्रेम कहानियों का गवाह भी रहा है।

ऐसी ही एक बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक लव स्टोरी 2018 बैच के दो चर्चित आईएएस अधिकारियों की है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2017 में सफलता का परचम लहराने वाले IAS प्रतिष्ठा ममगाईं और IAS संबित मिश्रा की जोड़ी इन दिनों सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में छाई हुई है।

UPSC रैंक 50 और 51 का गजब इत्तेफाक

दिल्ली की रहने वाली प्रतिष्ठा ममगाईं ने अपनी स्कूली और कॉलेज (आर्ट्स ग्रेजुएट) की पढ़ाई राजधानी से ही पूरी की। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने UPSC 2017 में ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल की।

वहीं दूसरी तरफ, ओडिशा के मूल निवासी संबित मिश्रा ने इसी परीक्षा में 51वीं रैंक प्राप्त की। मेरिट लिस्ट में एक के पीछे एक (50 और 51) रहने वाले इन दोनों होनहारों की मुलाकात मसूरी स्थित LBSNAA की ट्रेनिंग के दौरान हुई। एक साथ ट्रेनिंग करते हुए पहले दोनों में गहरी दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया।

प्यार के लिए बदला कैडर, बनीं छत्तीसगढ़ की सबसे युवा कलेक्टर (AEO फोकस)

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद प्रतिष्ठा को आंध्र प्रदेश कैडर मिला, जबकि संबित मिश्रा को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया। कुछ समय अपने-अपने कैडर में सेवाएं देने के बाद दोनों ने शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया। विवाह के आधार पर 28 मई 2021 को आईएएस प्रतिष्ठा का तबादला आंध्र प्रदेश से छत्तीसगढ़ कैडर में कर दिया गया।

वर्तमान में, 13 अगस्त 1995 को जन्मीं प्रतिष्ठा ममगाईं (31 वर्ष) बेमेतरा की जिला कलेक्टर (दिसंबर 2025 से) के रूप में कार्यभार संभाल रही हैं। इसी के साथ उनके नाम छत्तीसगढ़ के सभी वर्तमान जिला कलेक्टरों में सबसे कम उम्र (Youngest District Collector) की आईएएस होने का गौरव भी दर्ज हो गया है।

IAS प्रतिष्ठा ममगाईं का शानदार सर्विस रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ कैडर जॉइन करने के बाद प्रतिष्ठा ममगाईं का प्रशासनिक सफर बेहद शानदार रहा है। उन्हें पहली फील्ड पोस्टिंग रायगढ़ में सहायक कलेक्टर के तौर पर मिली। इसके बाद उन्होंने बलौदाबाजार अनुभाग में SDM की जिम्मेदारी संभाली। अंबिकापुर (सरगुजा) और कोरबा में नगर निगम आयुक्त से लेकर नारायणपुर की जिला कलेक्टर बनने तक, उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया है।

पति IAS संबित मिश्रा भी नहीं हैं पीछे: 7 KM पैदल चलकर पहुंचे नक्सलगढ़

प्रतिष्ठा के पति और 2018 बैच के आईएएस संबित मिश्रा का समर्पण भी किसी से कम नहीं है। रायपुर नगर निगम आयुक्त के पद पर सेवाएं दे रहे संबित मिश्रा जब नक्सल प्रभावित 'अबूझमाड़' इलाके में पदस्थ थे, तब उन्होंने एक मिसाल कायम की थी। वे 7 किलोमीटर पैदल चलकर एक ऐसे सुदूर और दुर्गम गांव तक पहुंचे थे, जहां देश की आजादी के बाद से कोई भी जिला कलेक्टर नहीं पहुंचा था। बीजापुर के कलेक्टर रहने के अलावा, संबित रायगढ़, जशपुर और कोरबा जैसे अहम जिलों में भी अपनी शानदार सेवाएं दे चुके हैं।

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