हवाई जहाज की खिड़कियां गोल क्यों होती हैं, इसके पीछे छिपा है 70 साल पुराना सुरक्षा राज
क्या आपने कभी सोचा है कि हवाई जहाज की खिड़कियां चौकोर नहीं बल्कि छोटी और गोल क्यों होती हैं? इसके पीछे सिर्फ डिजाइन नहीं बल्कि दबाव, सुरक्षा और इंजीनियरिंग का बड़ा कारण है। जानिए विमान की खिड़की के आकार का विज्ञान।
30 हजार फीट की ऊंचाई पर काम आता है खिड़की का खास डिजाइन
जब कोई विमान लगभग 30,000 से 40,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ता है, तो बाहर हवा का दबाव जमीन की तुलना में बहुत कम होता है। ऐसे में यात्रियों को सामान्य वातावरण देने के लिए विमान के अंदर केबिन प्रेशर को नियंत्रित रखा जाता है।
विमान के अंदर का दबाव बाहर की तुलना में ज्यादा होता है, जिससे विमान की बाहरी बॉडी पर लगातार दबाव पड़ता रहता है। ऐसे में विमान के हर हिस्से का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाता है कि वह इस दबाव को सुरक्षित तरीके से सहन कर सके।
अगर विमान में बहुत बड़ी खिड़कियां लगाई जाएं, तो उसकी मुख्य संरचना यानी फ्यूजलेज कमजोर हो सकती है और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
चौकोर खिड़कियों से क्यों बढ़ गया था खतरा?
आज से कई दशक पहले शुरुआती यात्री विमानों में चौकोर खिड़कियों का इस्तेमाल किया जाता था। उस समय इंजीनियरों को पता नहीं था कि खिड़की का आकार विमान की सुरक्षा में इतनी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
चौकोर खिड़कियों में चार कोने होते हैं, जहां दबाव एक जगह ज्यादा केंद्रित हो सकता है। इससे वहां दरार बनने की संभावना बढ़ जाती है।
1950 के दशक में ब्रिटेन के डी हैविलैंड कॉमेट (De Havilland Comet) विमान हादसों की जांच में सामने आया कि चौकोर खिड़कियों के कोनों पर पड़ने वाला अधिक दबाव विमान की संरचनात्मक विफलता का एक कारण था।
इन हादसों के बाद विमान इंजीनियरों ने खिड़कियों के डिजाइन में बदलाव किया और गोल या अंडाकार आकार को अपनाया गया।
गोल खिड़की दबाव को कैसे संभालती है?
गोल आकार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें दबाव किसी एक कोने पर केंद्रित नहीं होता, बल्कि पूरी सतह पर समान रूप से फैल जाता है।
यही कारण है कि गोल या अंडाकार खिड़कियां विमान की बॉडी पर कम तनाव डालती हैं और टूटने या दरार पड़ने का खतरा काफी कम हो जाता है।
विमान की खिड़कियां छोटी क्यों रखी जाती हैं?
1. विमान की मजबूती बनाए रखने के लिए
विमान की बॉडी मजबूत धातुओं और एल्यूमीनियम मिश्र धातुओं से बनाई जाती है। बड़ी खिड़कियों के लिए ज्यादा हिस्सा काटना पड़ता है, जिससे विमान की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो सकती है।
2. वजन कम रखने के लिए
विमान में इस्तेमाल होने वाली खिड़कियां सामान्य कांच की नहीं होतीं, बल्कि विशेष प्रकार के ऐक्रेलिक या मजबूत पारदर्शी पदार्थ से बनी होती हैं। खिड़कियों का आकार छोटा रखने से वजन नियंत्रित रहता है और ईंधन की बचत होती है।
3. दबाव नियंत्रण बेहतर रखने के लिए
छोटी खिड़कियां विमान के केबिन प्रेशर सिस्टम पर कम दबाव डालती हैं और सुरक्षा को बेहतर बनाती हैं।