भरी सभा में कनाडाई मंत्री की भारी फजीहत! भाषण पढ़ते-पढ़ते अचानक मुंह से निकला AI का प्रॉम्प्ट, सोशल मीडिया पर उड़ी धज्जियां!
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल आज के समय में हर क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा है, चाहे वह कंटेंट लिखना हो या बड़े-बड़े नेताओं के भाषण तैयार करना। लेकिन तकनीक पर आंख मूंदकर भरोसा करना कभी-कभी कितना भारी पड़ सकता है, इसका एक जीता-जागता और बेहद मजाकिया उदाहरण कनाडा से सामने आया है। वहां की सरकार के एक कैबिनेट मंत्री एक सार्वजनिक मंच पर अपना आधिकारिक भाषण दे रहे थे, तभी उन्होंने कुछ ऐसा पढ़ दिया कि वहां मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए। मंत्री जी भाषण की लाइनों के साथ-साथ चैटजीपीटी (ChatGPT) या एआई टूल को दिया गया वह सीक्रेट 'प्रॉम्प्ट' भी पढ़ गए, जो भाषण लिखने के निर्देश के रूप में दिया गया था।
क्या है पूरा मामला? जब जुबान से निकला AI का सच
यह अजीबोगरीब वाकया तब हुआ जब कनाडाई मंत्री एक महत्वपूर्ण सरकारी नीति और भविष्य की योजनाओं पर जनता को संबोधित कर रहे थे। वे पूरे जोश में पोडियम पर रखे पेपर से अपना भाषण देख-देखकर पढ़ रहे थे। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक एक पैराग्राफ खत्म होने के बाद उन्होंने बिना रुके अगली लाइन पढ़ दी— "इसे एक कनाडाई मंत्री के लहजे में और अधिक संवेदनशील व डिप्लोमैटिक बनाते हुए आगे बढ़ाएं..." (Provide a continuation in the tone of a Canadian Minister, making it more empathetic and diplomatic)। यह सुनते ही हॉल में सन्नाटा छा गया और फिर लोग मुस्कुराने लगे। दरअसल, यह कोई भाषण की लाइन नहीं थी, बल्कि यह वह प्रॉम्प्ट (निर्देश) था जो एआई टूल को भाषण लिखते वक्त दिया गया था और जिसे उनकी टीम हटाना भूल गई थी।
कॉपी-पेस्ट की बड़ी लापरवाही: सोशल मीडिया पर खिंचाई
इस घटना के बाद जैसे ही मंत्री जी को अपनी गलती का एहसास हुआ, उनके चेहरे का रंग उड़ गया। उन्होंने तुरंत बात को संभालने की कोशिश की और कागजों को पलटते हुए आगे बढ़ गए, लेकिन तब तक तीर कमान से छूट चुका था। इस पूरी घटना का वीडियो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। यूजर्स इस पर मजेदार मीम्स बना रहे हैं और तंज कस रहे हैं कि आजकल के मंत्रियों के पास खुद की सोच नहीं बची है, वे पूरी तरह से रोबोटिक स्क्रिप्ट पर निर्भर हो चुके हैं।
राजनीति में AI का बढ़ता दखल और खतरे
यह पहली बार नहीं है जब किसी अंतरराष्ट्रीय राजनेता या डिप्लोमैट की ऐसी लापरवाही सामने आई है। इससे पहले भी कई कंपनियों के सीईओ और राजनेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट में "As an AI language model..." जैसी लाइनें हूबहू कॉपी-पेस्ट पाई गई हैं। लेकिन एक देश के मंत्री द्वारा लाइव भाषण में एआई प्रॉम्प्ट पढ़ देना यह दिखाता है कि भाषण तैयार करने वाली पीआर और ब्यूरोक्रेसी टीम कितनी लापरवाही से काम कर रही है। बिना प्रूफरीडिंग (जांच) किए सीधे एआई जनरेटेड टेक्स्ट को फाइनल ड्राफ्ट मान लेना किसी भी बड़े नेता की कूटनीतिक छवि को पल भर में मटियामेट कर सकता है।
डिजिटल युग की नई सीख
इस घटना ने दुनिया भर के पीआर मैनेजर्स और नेताओं के लिए एक बड़ा सबक छोड़ दिया है। तकनीक काम को आसान जरूर बना सकती है, लेकिन वह इंसानी समझ और विवेक का विकल्प नहीं हो सकती। अगर आप एआई से अपना काम करवा भी रहे हैं, तो कम से कम मंच पर जाने से पहले उसे एक बार खुद पढ़ लेना बेहद जरूरी है। फिलहाल, कनाडाई मंत्री का यह वीडियो डिजिटल वर्ल्ड में 'कॉपी-पेस्ट फेल' का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुका है।