क्लास 8 के स्टूडेंट ने पढ़ाई के नाम पर लिया पापा का फोन, फिर किया ऐसा काम, उड़ गए पूरे परिवार के होश
आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन बच्चों की पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक का एक अहम जरिया बन चुका है, लेकिन इसका सही मार्गदर्शन में इस्तेमाल न होना कई बार बड़े संकट को न्यौता दे देता है। हाल ही में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां आठवीं क्लास के एक छात्र ने ऑनलाइन पढ़ाई करने के बहाने अपने पिता का मोबाइल फोन लिया था। लेकिन बच्चे ने फोन का जो इस्तेमाल किया, उसके बारे में जानकर पूरे परिवार के होश उड़ गए। इस सनसनीखेज घटना ने माता-पिता की नींद उड़ा दी है और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है कि बच्चों के हाथों में डिजिटल गैजेट्स देना कितना जोखिम भरा हो सकता है।
ऑनलाइन स्टडी के बहाने शुरू हुआ मोबाइल का खेल
मामला उस समय का है जब छात्र ने स्कूल के होमवर्क या ऑनलाइन क्लास का हवाला देकर अपने पिता से उनका स्मार्टफोन मांगा। पिता को क्या पता था कि उनका बेटा पढ़ाई की आड़ में कुछ ऐसा खेल खेल रहा है जो पूरे परिवार को भारी संकट में डाल देगा। बच्चा फोन लेकर अपने कमरे में चला गया और काफी देर तक मोबाइल में व्यस्त रहा। परिवार के सदस्यों को लगा कि बेटा अपनी पढ़ाई या स्कूल के प्रोजेक्ट से जुड़ा कोई काम कर रहा होगा, इसलिए किसी ने भी उस पर शक नहीं किया।
बैंक अकाउंट से उड़ने लगे पैसे तब हुआ सनसनीखेज खुलासा
असली खेल तब सामने आया जब कुछ ही देर बाद पिता के बैंक खाते से पैसे कटने के लगातार मैसेज आने लगे। मोबाइल पर एक के बाद एक ट्रांजैक्शन के संदेश देख पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। जब उन्होंने तुरंत अपने बैंक खाते की जांच की और बेटे से कड़ाई से पूछताछ की, तो पता चला कि आठवीं क्लास के उस छात्र ने मोबाइल पर ऑनलाइन गेमिंग या किसी अन्य डिजिटल एक्टिविटी में फंसकर पिता की गाढ़ी कमाई के हजारों रुपये दांव पर लगा दिए थे या उड़ा दिए थे। इस अचानक हुए खुलासे से पूरा परिवार सदमे में आ गया और समझ नहीं पाया कि इतनी कम उम्र में बच्चे ने यह कदम कैसे उठाया।
पैरेंट्स के लिए एक गंभीर चेतावनी है यह घटना
इस हैरान करने वाली घटना ने एक बार फिर से सभी अभिभावकों को गहरी सोच में डाल दिया है। आजकल के बच्चे ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया और इंटरनेट की वर्चुअल दुनिया के जाल में बहुत जल्दी फंस जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को मोबाइल या इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए देना गलत नहीं है, लेकिन उन पर पैनी नजर रखना और डिजिटल लिटरेसी सिखाना बेहद जरूरी है, ताकि कोई भी परिवार इस तरह की आर्थिक और मानसिक परेशानी का शिकार न हो सके।