डेड बैटरी फेंकने से पहले करें यह आसान काम, पेंसिल की रबर से बढ़ जाएगी सेल की लाइफ

डेड बैटरी फेंकने से पहले करें यह आसान काम, पेंसिल की रबर से बढ़ जाएगी सेल की लाइफ

टीवी का रिमोट हो, दीवार घड़ी, कंप्यूटर का माउस या फिर बच्चों के खिलौने—इन सभी गैजेट्स को चलाने के लिए बैटरी सेल की जरूरत हर घर में पड़ती है। कई बार ऐसा होता है कि नया सेल डालने के कुछ ही दिनों बाद डिवाइस काम करना बंद कर देता है और हम मान लेते हैं कि बैटरी डिस्चार्ज हो चुकी है।

ऐसे में बार-बार सेल बदलना जेब पर भारी पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों की पेंसिल मिटाने वाली एक छोटी सी रबर (इरेजर) आपके बंद पड़े सेल में दोबारा जान फूंक सकती है? यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे एक ठोस वैज्ञानिक और भौतिक सिद्धांत काम करता है। अगर आपका कोई गैजेट ऑन नहीं हो रहा या रिचार्जेबल बैटरी चार्ज लेने में नखरे दिखा रही है, तो उसे कूड़ेदान में डालने से पहले यह नुस्खा जरूर आजमाएं।

बैटरी के टर्मिनल्स पर जमी अदृश्य परत बनती है विलेन

रोजमर्रा के उपयोग के दौरान हमारे हाथों की उंगलियों की प्राकृतिक चिकनाई, पसीना, हवा में मौजूद नमी और बारीक धूल-मिट्टी बैटरी के सिरों (पॉजिटिव और नेगेटिव टर्मिनल्स) पर चिपक जाती है। समय बीतने के साथ इन कॉन्टैक्ट पॉइंट्स पर माइक्रो-ऑक्सीडेशन यानी कार्बन की एक बेहद पतली और न दिखने वाली परत जम जाती है। यह परत एक इंसुलेटर की तरह काम करने लगती है, जिससे इलेक्ट्रिकल रेजिस्टेंस काफी बढ़ जाता है। नतीजा यह होता है कि बैटरी के भीतर पावर पूरी होने के बावजूद करंट डिवाइस के सर्किट तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाता और हम समझ बैठते हैं कि सेल खत्म हो गया है।

इरेजर रगड़ते ही कैसे दूर होती है करंट की रुकावट?

जब आप पेंसिल वाली साधारण रबर को बैटरी के दोनों सिरों पर हल्के हाथों से रगड़ते हैं, तो यह उस पर जमी हुई जिद्दी चिकनाई, कार्बन और धूल की परत को पूरी तरह साफ कर देती है। सतह साफ होते ही मेटल-टू-मेटल डायरेक्ट कनेक्शन दोबारा बहाल हो जाता है। कई मामलों में सेल के भीतर पर्याप्त केमिकल एनर्जी बची होती है, लेकिन टर्मिनल ब्लॉक होने से करंट का प्रवाह रुक जाता है। रिचार्जेबल बैटरी के मामले में जब टर्मिनल्स पर कार्बन आ जाता है, तो चार्जर उसे डिटेक्ट नहीं कर पाता या चार्जिंग बेहद धीमी हो जाती है। रबर से सफाई के बाद बिजली का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाता है और बैटरी फिर से पूरी रफ्तार से चार्ज और डिस्चार्ज होने लगती है।

रेगमाल या लोहे के तार से कहीं ज्यादा सुरक्षित है पेंसिल रबर

हार्डवेयर मेंटेनेंस इंजीनियर्स और तकनीशियनों के अनुसार, इरेजर एक माइल्ड यानी बेहद सुरक्षित एब्रेसिव टूल है। कई लोग जंग या गंदगी हटाने के लिए सैंडपेपर (रेगमाल), लोहे के जूने या किसी नुकीली चीज से सेल को खुरचने की गलती कर बैठते हैं। ऐसा करने से बैटरी के सिरों पर मौजूद निकल या कॉपर की सुरक्षात्मक कोटिंग छिल जाती है, जिससे वहां स्थायी खराबी आ जाती है और आगे चलकर जंग बहुत तेजी से लगने लगता है। इसके विपरीत, पेंसिल इरेजर मेटल की संवेदनशील कोटिंग को नुकसान पहुंचाए बिना केवल ऊपर जमी गंदगी और कार्बन को ही खींचकर अलग करता है।