सरकारी कर्मचारियों के खाते में आएगी बंपर रकम! 7,000 की जगह मिलेंगे 21,000? समझें पूरा गणित

सरकारी कर्मचारियों के खाते में आएगी बंपर रकम! 7,000 की जगह मिलेंगे 21,000? समझें पूरा गणित

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर हलचल तेज हो गई है। 'ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन' (AIDEF) ने कैबिनेट सचिव, DoPT और श्रम मंत्रालय को पत्र लिखकर भत्ते की जल्द घोषणा करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही फेडरेशन ने दशहरे से पहले नॉन-गजेटेड कर्मचारियों के परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLB) की गणना सीमा 7,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 21,000 रुपये करने का प्रस्ताव भी केंद्र के समक्ष रखा है।

वर्तमान में केंद्रीय कर्मियों और पेंशनभोगियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। जून 2026 तक के AICPI-IW आंकड़ों के रुझानों के मुताबिक डीए में 3 फीसदी की बढ़ोतरी होकर इसके 63 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। फेडरेशन का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच भत्ते के ऐलान में हो रही देरी से कर्मचारियों की आर्थिक चिंताएं बढ़ रही हैं, इसलिए 1 जुलाई 2026 से देय डीए और डीआर का नोटिफिकेशन बिना किसी विलंब के जारी किया जाना चाहिए।

बोनस के मोर्चे पर फेडरेशन ने तर्क दिया है कि 20 अक्टूबर को दशहरा होने के कारण कर्मचारी बोनस की राह देख रहे हैं, लेकिन सालों पुरानी 7,000 रुपये की सैलरी सीलिंग आज के वेतन ढांचे के हिसाब से प्रासंगिक नहीं है। नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड)-JCM के फार्मूले के अनुसार बोनस कैलकुलेशन 7वें वेतन आयोग के न्यूनतम बेसिक वेतन और उस पर देय महंगाई भत्ते के अनुपात में होना चाहिए। इसी आधार पर संगठन ने वित्त वर्ष 2025-26 से ही 21,000 रुपये की संशोधित सीमा लागू करने पर जोर दिया है।

यदि केंद्र सरकार बोनस गणना की इस सीलिंग को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की सिफारिश स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस की वास्तविक राशि में तीन गुना तक का इजाफा दर्ज किया जा सकता है। फिलहाल वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से स्पष्टीकरण तलब किया है, जिसके बाद ही अंतिम निर्णय संभव होगा।