सिर्फ चालान भरने से अब काम नहीं चलेगा, इतनी बार तोड़ा नियम तो हमेशा के लिए छिन जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस
अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। अगर कोई चालक बार-बार नियम तोड़ता है और केवल ई-चालान का जुर्माना भरकर आगे बढ़ जाता है, तो उसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। नए प्रावधानों के तहत लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
इस साल लागू हुए नए नियमों के अनुसार अगर कोई ड्राइवर एक कैलेंडर वर्ष के दौरान यानी 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 के बीच पांच या उससे अधिक बार गंभीर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में ट्रांसपोर्ट विभाग ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
अंतिम फैसला RTO करेगा
लाइसेंस रद्द करने का निर्णय सीधे नहीं लिया जाएगा। संबंधित रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) पूरे मामले की जांच करेगा। किसी भी कार्रवाई से पहले चालक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर भी दिया जाएगा।
अब देशभर का रिकॉर्ड रहेगा एक जगह
पहले अलग-अलग शहरों में कटे चालान का रिकॉर्ड अलग रहता था। अब ई-चालान सिस्टम पूरी तरह वाहन और सारथी पोर्टल से जुड़ चुका है। साथ ही चालान का रिकॉर्ड आधार से लिंक होने के कारण देश में कहीं भी हुआ ट्रैफिक उल्लंघन चालक की प्रोफाइल में दर्ज हो जाएगा। इससे बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करना आसान हो गया है।
AI कैमरे रख रहे हैं हर समय नजर
अब हर जगह ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी जरूरी नहीं है। कई शहरों और सड़कों पर AI आधारित कैमरे लगाए गए हैं जो चौबीसों घंटे निगरानी करते हैं। नियम टूटते ही ये सिस्टम अपने आप ई-चालान जारी कर देता है। इसलिए यह मानकर नियम तोड़ना कि कोई नहीं देख रहा है, अब भारी पड़ सकता है।
सरकार ने क्यों बढ़ाई सख्ती?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल ट्रैफिक उल्लंघनों में करीब 70 प्रतिशत मामले सिर्फ 20 प्रतिशत ड्राइवरों से जुड़े हैं। यानी कुछ लोग बार-बार वही गलतियां दोहराते हैं। सरकार का मानना है कि केवल जुर्माना भरने से ऐसे लोगों की आदत नहीं बदलती। इसी वजह से लाइसेंस रद्द करने जैसे सख्त कदम को लागू किया गया है ताकि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।
लाइसेंस रद्द होने के बाद गाड़ी चलाने पर क्या होगा?
अगर किसी व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हो चुका है और वह फिर भी वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत उस पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।