करवा चौथ 29 या 30 अक्टूबर? भूलकर भी न करें ये गलती, यहां जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त!
सुहागिन महिलाओं के सबसे बड़े त्योहार करवा चौथ की तारीख को लेकर इस बार भी थोड़ी उलझन देखी जा रही है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाए जाने वाले इस पर्व में महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
पंचांग के अनुसार 2026 में करवा चौथ 30 अक्टूबर को नहीं, बल्कि 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। दरअसल, चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को आधी रात 1:06 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 10:09 बजे समाप्त हो जाएगी। इसलिए उदया तिथि और चंद्रोदय के आधार पर 29 तारीख ही व्रत के लिए पूरी तरह से मान्य होगी। अगर आप नई दिल्ली या इसके आसपास के इलाकों में हैं, तो करवा चौथ पूजा और चांद निकलने का सटीक समय जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है।
पंचांग के मुताबिक 29 अक्टूबर 2026 को उपवास का कुल समय सुबह 6:31 बजे से लेकर रात 8:17 बजे तक रहेगा। वहीं शाम की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक रहेगा। व्रत खोलने के लिए चांद का दीदार रात 8:17 बजे किया जा सकेगा। हालांकि भारत के अलग-अलग शहरों और भौगोलिक स्थिति के अनुसार चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, इसलिए शाम की पूजा से पहले अपने शहर का लोकल टाइम जरूर चेक कर लें।
करवा चौथ का इतिहास और इसका महत्व करवा नाम की एक पतिव्रता स्त्री के अदम्य साहस से जुड़ा है। पौराणिक कथा के अनुसार, करवा के पति को नदी में नहाते समय एक मगरमच्छ ने पकड़ लिया था। पति की चीख सुनकर करवा ने सूती धागे से मगरमच्छ को बांध दिया और सीधे यमराज के पास पहुंचकर अपने पति के प्राणों की रक्षा की गुहार लगाई।
करवा की दृढ़ इच्छाशक्ति और पतिव्रता धर्म से प्रसन्न होकर यमराज और चित्रगुप्त ने उसके पति को जीवनदान दिया और मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया। इसी अटूट विश्वास के साथ आज भी सुहागिनें पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर करवा माता की पूजा करती हैं। शाम को शुभ मुहूर्त में कथा सुनने के बाद छलनी से चांद और फिर पति का चेहरा देखकर यह कठिन व्रत पूरा किया जाता है, ताकि उनके दांपत्य जीवन में हमेशा प्रेम और खुशहाली बनी रहे।