कुदरत का खौफनाक करिश्मा! सिर के ऊपर उग आया 'दूसरा दिमाग', पत्थर जैसी बनावट देख डॉक्टरों के उड़े होश!

कुदरत का खौफनाक करिश्मा! सिर के ऊपर उग आया 'दूसरा दिमाग', पत्थर जैसी बनावट देख डॉक्टरों के उड़े होश!

चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) की दुनिया में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जो न केवल आम लोगों को बल्कि बड़े-बड़े डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को भी दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर देते हैं। ऐसा ही एक बेहद हैरान करने वाला और दुर्लभ मामला इस समय दुनिया भर के डॉक्टरों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है। एक शख्स के सिर के ठीक ऊपर हूबहू 'इंसानी दिमाग' जैसी लहरदार और पत्थर जैसी सख्त बनावट (Stony Brain-like Structure) बनने लगी है। पहली नजर में ऐसा लगता है जैसे सिर की खोपड़ी फाड़कर दूसरा भेजा बाहर आ गया हो। इस अनोखे मरीज की तस्वीरें और मेडिकल रिपोर्ट देखकर न्यूरोसर्जन भी हैरान हैं कि कोई बीमारी इस तरह का रूप कैसे ले सकती है।

क्या है यह अनोखी बीमारी? डॉक्टरों ने किया खुलासा

जब इस रहस्यमयी मरीज को जांच के लिए अस्पताल लाया गया, तो डॉक्टरों ने गहन रिसर्च और सीटी स्कैन के बाद इस बीमारी की पहचान की। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस दुर्लभ त्वचा रोग को कटिस वर्टिसिस टर्गेलाटा (Cutis Verticis Gyrata - CVG) कहा जाता है। यह एक ऐसी दुर्लभ बीमारी है जिसमें सिर की त्वचा (Scalp) अत्यधिक मोटी हो जाती है और उसमें गहरे गड्ढे तथा उभार बनने लगते हैं। ये उभार दिखने में ठीक वैसे ही होते हैं जैसे इंसानी दिमाग के ऊपरी हिस्से (Cerebral Cortex) में झुर्रियां और मोड़ होते हैं। इसी वजह से सिर के ऊपर बना यह ढांचा पूरी तरह से 'दिमाग' जैसा नजर आता है।

पत्थर जैसी क्यों हो गई बनावट?

मरीज के मामले में यह स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो गई क्योंकि लंबे समय तक इलाज न मिलने के कारण सिर के उभारों पर केराटिन और कैल्शियम जमा होने लगा। इस वजह से वह पूरी त्वचा धीरे-धीरे पत्थर की तरह सख्त और कड़क हो गई। छूने पर यह किसी चट्टान जैसी महसूस होती थी। डॉक्टरों के मुताबिक, यह बीमारी अमूमन पुरुषों में ज्यादा देखी जाती है और यह धीरे-धीरे बढ़ती है। शुरुआती दौर में यह केवल सिर की त्वचा का ढीलापन लगती है, लेकिन वक्त के साथ यह एक डरावने और ठोस 'दूसरे दिमाग' का रूप ले लेती है।

क्यों होती है यह दुर्लभ बीमारी? जानिए इसके कारण

एक्सपर्ट्स के अनुसार, 'कटिस वर्टिसिस टर्गेलाटा' (CVG) होने के पीछे कई मुख्य कारण हो सकते हैं:

  • आनुवंशिक कारण (Genetics): कई मामलों में यह बीमारी जन्मजात या जेनेटिक गड़बड़ी के कारण होती है।

  • हार्मोनल असंतुलन: शरीर में एंडोक्राइन सिस्टम या थायराइड ग्रंथियों में खराबी के कारण भी त्वचा की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं।

  • ब्रेन ट्यूमर या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर: कुछ दुर्लभ मामलों में इसका संबंध अंदरूनी मानसिक या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से भी पाया गया है।

क्या मुमकिन है इसका इलाज?

इस अनोखी बीमारी से पीड़ित मरीज का केस देख रहे न्यूरोसर्जन्स और प्लास्टिक सर्जन्स की टीम का कहना है कि इसका इलाज संभव है, लेकिन यह बेहद जटिल होता है। सबसे पहले दवाओं के जरिए त्वचा के संक्रमण को रोका जाता है। इसके बाद, पत्थर बन चुकी इस अतिरिक्त त्वचा को हटाने के लिए एक बड़ी प्लास्टिक और रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी (Scalp Reduction Surgery) की जाती है, जिसमें सिर की त्वचा को काटकर दोबारा सामान्य आकार दिया जाता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि सिर की त्वचा में किसी भी तरह का असामान्य बदलाव या सूजन दिखने पर तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए ताकि बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोका जा सके।

Latest Posts