इन 3 राशियों के लिए बेहद खतरनाक हैं अगले कुछ दिन, जेब होगी खाली और सेहत देगी धोखा
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चंद्रमा अगस्त की छय तारीख की देर रात अपनी राशि बदलते हुए मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं और वे आगामी 9 अगस्त की सुबह तक यहीं पर विराजमान रहेंगे।
चंद्रमा के इस महत्वपूर्ण गोचर के दौरान मीन राशि में पहले से ही विराजमान न्याय के देवता शनि की तीसरी दृष्टि चंद्रमा पर पड़ेगी। वैदिक ज्योतिष में शनि और चंद्रमा को परस्पर शत्रु माना गया है, जिसके प्रभावस्वरूप कुछ खास राशियों के जातकों को अपनी सेहत, करियर और आर्थिक मामलों में भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि किन राशियों को इस दौरान सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
मिथुन राशि: बेवजह के खर्च और सेहत को लेकर रहना होगा सावधान
मिथुन राशि के जातकों के लिए चंद्रमा आपकी कुंडली के द्वादश भाव यानी व्यय भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में द्वादश भाव को हानि और खर्च का कारक माना जाता है, ऐसे में शनि की दृष्टि के कारण आपके बेवजह के खर्चों में अचानक भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
इस दौरान आपको कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। परिवार के सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर संयम रखें अन्यथा आपसी रिश्तों में खटास आ सकती है। इसके अलावा, पेट (उदर) से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। इन नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ करना आपके लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा।
तुला राशि: वाहन चलाते समय बरतें सावधानी, पुराने रोग दे सकते हैं कष्ट
तुला राशि वालों के लिए चंद्रमा का यह गोचर कुंडली के अष्टम भाव में होने जा रहा है, जिसे त्रिक भाव और अचानक होने वाले परिवर्तनों या दुर्घटनाओं का कारक माना जाता है। इस अवधि में तुला राशि के जातकों को वाहन बहुत सावधानी से चलाने की आवश्यकता है ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय थोड़ा संवेदनशील रह सकता है, और आपका कोई पुराना रोग अचानक उभरकर आपको तकलीफ दे सकता है। आर्थिक मोर्चे पर भी आपको धन के लेन-देन में संभलकर चलना होगा। इस अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आपको प्रतिदिन शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक बेलपत्र अर्पित करना चाहिए।
कुंभ राशि: पारिवारिक जीवन में तनाव और माता की सेहत का रखें खास ख्याल
कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में चंद्रमा चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे और इस पर शनि की तीसरी सीधी दृष्टि पड़ेगी। इसके प्रभाव से आपको अपने पारिवारिक मामलों में बेहद सतर्क और सहनशील रहने की जरूरत है। परिजनों के साथ बातचीत करते समय अपनी मर्यादा का विशेष ध्यान रखें, वरना छोटी-छोटी बातें बड़ा विवाद बन सकती हैं। इस राशि के लोगों को अपनी माता के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में अत्यधिक दबाव के कारण मानसिक तनाव और उलझनें बढ़ सकती हैं, साथ ही किसी भी प्रकार की गलत संगति या शॉर्टकट से दूर रहें अन्यथा भारी धन हानि उठानी पड़ सकती है। मानसिक शांति और सकारात्मकता के लिए कुंभ राशि के जातकों को शिव मंत्रों का नियमित जाप करना चाहिए।