101 की उम्र में भी 'फुल चार्ज' हैं यह सुपरवुमन! नौकरी से लेकर घर तक खुद संभालती हैं सारे काम, लंबी और एक्टिव जिंदगी के खोले गहरे राज
अक्सर लोग 60 की उम्र पार करते ही खुद को रिटायर मान लेते हैं और शारीरिक कमजोरियों का हवाला देने लगते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला से मिलवाने जा रहे हैं, जिनकी उम्र का आंकड़ा 100 पार कर चुका है, फिर भी उनकी ऊर्जा देखकर युवा भी शरमा जाएं। 101 साल की यह जांबाज महिला न केवल आज भी नौकरी कर रही हैं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के छोटे-बड़े सारे काम खुद करती हैं। बिना किसी पर निर्भर हुए, अपने दम पर जीने का उनका जज्बा लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
उम्र बस एक नंबर: 101 साल की उम्र में भी काम का जुनून
इस उम्र में भी महिला की सक्रियता का आलम यह है कि वे खुद को कभी 'बूढ़ा' महसूस नहीं होने देतीं। वे मानती हैं कि काम ही उन्हें जीवंत रखता है। उनका कहना है कि अगर हम काम करना छोड़ देंगे, तो शरीर और दिमाग दोनों शिथिल पड़ जाएंगे। उनकी दिनचर्या में आलस के लिए कोई जगह नहीं है। वे समय पर सोती हैं, समय पर जागती हैं और अपना काम खुद करने में उन्हें एक अलग ही गर्व महसूस होता है। उनके लिए उनकी नौकरी केवल पैसा कमाने का जरिया नहीं, बल्कि समाज से जुड़े रहने और खुद को 'फिट' रखने का एक माध्यम है।
क्या है इनकी लंबी और एक्टिव जिंदगी का 'सीक्रेट'?
अपनी इस लंबी और स्वस्थ यात्रा के बारे में बताते हुए उन्होंने अपनी जीवनशैली के कुछ ऐसे राज खोले हैं, जिन्हें अपनाकर कोई भी एक बेहतर और खुशहाल जीवन जी सकता है:
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सकारात्मक सोच (Positive Mindset): वे मानती हैं कि उम्र को दिमाग में हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कभी भी खुद को बीमार या लाचार नहीं माना।
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अनुशासित खान-पान: उनके आहार में सादा, घर का बना ताजा खाना शामिल है। वे प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा तेल-मसालों से हमेशा दूरी बनाए रखती हैं।
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निरंतर शारीरिक हलचल: वे दिनभर सक्रिय रहने में यकीन रखती हैं। चलना-फिरना, घर के छोटे-मोटे काम करना और लोगों से मिलना-जुलना उनकी फिटनेस का मुख्य आधार है।
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तनाव से दूरी: उन्होंने कभी भी छोटी-छोटी बातों का तनाव नहीं लिया। वे मानती हैं कि हंसना और हर स्थिति में खुश रहना ही लंबी आयु की असली चाबी है।
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सीखते रहने की ललक: वे आज भी नई-नई चीजों के बारे में पढ़ना और जानना पसंद करती हैं, जिससे उनका दिमाग हमेशा शार्प रहता है।
युवाओं के लिए एक चलती-फिरती मिसाल
उनकी कहानी न केवल उन बुजुर्गों के लिए सबक है जो अपनी उम्र को लेकर उदास रहते हैं, बल्कि उन युवाओं के लिए भी एक बड़ी सीख है जो छोटी उम्र में ही मानसिक और शारीरिक रूप से थकने का बहाना ढूंढते हैं। 101 साल की इस महिला ने साबित कर दिया है कि अगर आपका इरादा पक्का हो और जीने का नजरिया सकारात्मक, तो उम्र की कोई भी सीमा आपको नहीं रोक सकती। उनका कहना है, "जिंदगी का लुत्फ उठाना है तो उसे रुकने मत दो, चलते रहो।"