5.5 लाख रुपये में नई कार या पुरानी प्रीमियम कार, खरीदने से पहले समझें पूरा हिसाब
भारत में कार खरीदने वालों के लिए करीब 5 से 6 लाख रुपये का बजट काफी अहम है। इस कीमत पर ग्राहक के सामने दो रास्ते होते हैं। पहला विकल्प नई एंट्री-लेवल कार खरीदना है। दूसरा रास्ता कुछ साल पुरानी प्रीमियम हैचबैक या कॉम्पैक्ट एसयूवी लेने का है।
नई कार में सबसे बड़ा फायदा यह है कि गाड़ी बिल्कुल नई होती है। साथ ही 3 से 5 साल तक की कंपनी वारंटी मिल सकती है। शुरुआती वर्षों में सर्विस और रिपेयर को लेकर भी ज्यादा चिंता नहीं रहती। दूसरी ओर पुरानी कार में इसी रकम में ज्यादा फीचर्स और बड़ा मॉडल मिल सकता है। हालांकि उसकी हालत और भविष्य के खर्च को लेकर सावधानी जरूरी है।
नई कार में कम जोखिम, लेकिन फीचर्स सीमित
₹5.50 लाख के आसपास Alto K10 या Kwid जैसी नई कार खरीदी जा सकती है। ऐसी कारों का रखरखाव अपेक्षाकृत सस्ता रहता है। नई गाड़ी होने के कारण अचानक बड़े रिपेयर का खतरा भी कम रहता है।
लेकिन कम कीमत के कारण इनमें छोटे 3-सिलेंडर इंजन और सीमित फीचर्स मिलते हैं। केबिन और बूट स्पेस भी बड़ी कारों की तुलना में कम हो सकता है। यानी नई कार चुनने वाला ग्राहक भरोसे और कम खर्च को प्राथमिकता देता है।
पुरानी प्रीमियम कार में ज्यादा सुविधाएं
इसी बजट में करीब 4 साल पुरानी Baleno या Brezza जैसे मॉडल भी मिल सकते हैं। इनमें बेहतर रोड प्रजेंस के साथ ज्यादा स्पेस और सुविधाएं मिलती हैं। कुछ कारों में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन भी उपलब्ध हो सकता है।
लेकिन यहां खरीद के बाद खर्च बढ़ने की संभावना रहती है। पुराने टायर, क्लच, सस्पेंशन या दूसरे पार्ट्स बदलने पड़ सकते हैं। अगर पहले से कोई तकनीकी समस्या छिपी हुई हो तो जेब पर अतिरिक्त बोझ आ सकता है।
5 साल में कितना खर्च आएगा?
सिर्फ कार की खरीद कीमत देखकर फैसला करना सही नहीं है। लोन का ब्याज, सर्विस, इंश्योरेंस और पांच साल बाद कार की कीमत भी कुल खर्च को प्रभावित करती है।
किसके लिए कौन सी कार सही?
अगर कार का इस्तेमाल मुख्य रूप से रोजाना आने-जाने के लिए होना है और आप कम रखरखाव चाहते हैं तो नई एंट्री-लेवल कार ज्यादा व्यावहारिक विकल्प हो सकती है। कम ब्याज वाला लोन और कंपनी वारंटी भी इसमें मदद करती है।
वहीं ज्यादा स्पेस, बेहतर फीचर्स और हाईवे पर आरामदायक ड्राइविंग आपकी प्राथमिकता है तो पुरानी प्रीमियम कार आकर्षक विकल्प बन सकती है। हालांकि ऐसी कार खरीदते समय सर्विस हिस्ट्री और वाहन की तकनीकी स्थिति की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।