डाइटिंग में भी खा सकते हैं गोलगप्पे, जानें कौन से स्ट्रीट फूड से नहीं बढ़ेगा कैलोरी लोड

डाइटिंग में भी खा सकते हैं गोलगप्पे, जानें कौन से स्ट्रीट फूड से नहीं बढ़ेगा कैलोरी लोड

वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए स्ट्रीट फूड को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। किसी भी व्यंजन का असर मुख्य रूप से उसकी कैलोरी, पकाने के तरीके और खाने की मात्रा पर निर्भर करता है। इसी आधार पर फिटनेस कंटेंट क्रिएटर और वेट लॉस कोच मनप्रीत सिंह ने भारतीय स्ट्रीट फूड्स की एक टियर लिस्ट साझा की है, जिसमें उन्हें S से F तक रैंक किया गया है।

इस रैंकिंग में इडली-सांभर को S-Tier में सबसे ऊपर रखा गया है। इडली भाप में पकती है और इसका बैटर फर्मेंटेड होता है। कोच के अनुसार, एक सामान्य इडली में करीब 100 से 120 कैलोरी हो सकती हैं, इसलिए सीमित मात्रा में इसे वजन घटाने वाली डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

स्टीम्ड मोमोज को भी S-Tier में जगह मिली है। डीप फ्राई करने के बजाय भाप में पकाए जाने के कारण इनमें अतिरिक्त तेल और कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है। बेहतर विकल्प के लिए प्रोटीन से भरपूर चिकन या पनीर की स्टफिंग और सीमित पोर्शन लेने की सलाह दी गई है।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली एंट्री गोलगप्पे की रही, जिसे भी S-Tier में रखा गया है। विश्लेषण के अनुसार, सीमित मात्रा में गोलगप्पे अपेक्षाकृत कम कैलोरी वाला स्नैक हो सकते हैं। हालांकि स्वच्छता और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

समोसा और आलू टिक्की चाट को C-Tier में रखा गया है। इनमें तेल, डीप फ्राइंग और चटनियों के कारण कैलोरी बढ़ सकती है, इसलिए इनका सेवन कभी-कभार और सीमित मात्रा में करने की सलाह दी गई है।

वहीं छोले भटूरे और आलू कचौरी को F-Tier में रखा गया है। इन व्यंजनों में तेल और कैलोरी की मात्रा काफी अधिक हो सकती है। खासतौर पर छोले भटूरे की एक प्लेट में 1,000 से अधिक कैलोरी होने का दावा किया गया है।

कुल मिलाकर, वजन घटाने के लिए किसी भोजन को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के बजाय कम तेल वाले विकल्प, नियंत्रित पोर्शन और बैलेंस वाली डाइट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।