हर विधानसभा सीट पर 27 हजार वोट बढ़ाएगी सपा, अखिलेश यादव ने बैठक में बताया प्लान
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां पूरी तरह तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को राजधानी लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक अहम रणनीतिक बैठक की।
बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के वोटों को "प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 27,000 तक कम करने" के लक्ष्य पर काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने आगामी चुनाव तक हर विधानसभा सीट पर अपने मतों में 27,000 का इजाफा करने का फैसला किया है, जिसका सीधा अर्थ भाजपा के वोटों में 27,000 की भारी कटौती करना है।
तकनीक और डोर-टू-डोर अभियान के जरिए जनता तक पहुंचेंगे सपा कार्यकर्ता
इस लक्ष्य को धरातल पर उतारने की रणनीति साझा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल करेगी। इसके साथ ही सपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से सीधा संपर्क साधेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को न्याय और सम्मान दिला सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर जनता के बीच रहकर उनकी वास्तविक चिंताओं, रोजमर्रा की दिक्कतों और समस्याओं को गहराई से समझेंगे और उनके समाधान का भरोसा दिलाएंगे।
बेरोजगारी, आरक्षण और पेपर लीक को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को निशाने पर लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा आज भीषण बेरोजगारी से जूझ रहा है और राज्य में उनके लिए रोजगार के अवसर पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है और आरक्षण का वाजिब लाभ नहीं मिल रहा है। भर्ती परीक्षाओं के पर्चा लीक मामलों को लेकर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरियां न देनी पड़ें, इसलिए पर्चा लीक कराने की सुनियोजित साजिश रची गई। उन्होंने दावा किया कि देश भर में यदि कहीं सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए हैं, तो वह उत्तर प्रदेश है।
निवेश और किसानों के मुआवजे के दावों पर उठाए गंभीर सवाल
प्रदेश में औद्योगिक विकास और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दावों की हवा निकालते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार द्वारा दिखाए गए बड़े-बड़े निवेश के सपने कभी जमीन पर साकार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े वादे किए गए थे कि भारी निवेश आएगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और व्यापार फलेगा-फूलेगा, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी जमीनें खाली पड़ी हैं। उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर किसानों से जमीनें तो अधिग्रहित कर ली गईं, लेकिन उन्हें न तो सर्किल रेट के आधार पर बढ़ा हुआ मुआवजा मिला और न ही वह उचित राशि मिली जिसके वे वास्तविक हकदार थे।
भाजपा का पलटवार: अनिल राजभर बोले- सपा में मची है घबराहट
अखिलेश यादव के बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने तत्काल तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पलटवार किया है। यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि चुनावी जमीन खिसकती देख समाजवादी पार्टी पूरी तरह घबरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सोशल मीडिया का खुला दुरुपयोग कर रही है और तथ्यहीन, बेतुके और निराधार वीडियो बनाकर जनता, विशेष रूप से दलित समाज को गुमराह करने की असफल कोशिश में जुटी है।
अंबेडकर स्थलों के कायाकल्प अभियान से सपा में दहशत: मंत्री
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि योगी सरकार ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े स्थलों के संरक्षण, उन्नयन और सौंदर्यीकरण का एक बड़ा राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है, जिससे अखिलेश यादव और उनकी पार्टी में दहशत फैल गई है। उन्होंने विवरण देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर बने 10 प्रमुख स्थलों को संवारा जा रहा है, उनका जीर्णोद्धार कर उन्हें उन्नत और सुंदर बनाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के इस विकास कार्य ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव फरवरी या मार्च 2027 में प्रस्तावित है।