सिर मुंडवाते ही मिल जाएंगे 15,000 रुपये! सोशल मीडिया के एक 'प्रैंक' ने उजाड़ दी महिलाओं की खुशियां, पढ़ें पूरी दास्तान

सिर मुंडवाते ही मिल जाएंगे 15,000 रुपये! सोशल मीडिया के एक 'प्रैंक' ने उजाड़ दी महिलाओं की खुशियां, पढ़ें पूरी दास्तान

तमिलनाडु के सलेम जिले में एक व्यक्ति ने खुद को तहसीलदार बताकर फर्जी सरकारी योजना के नाम पर कई महिलाओं को ठग लिया। आरोपी ने दावा किया कि विदेशों में फैली एक खतरनाक संक्रामक बीमारी अब स्थानीय क्षेत्र में भी पहुंच गई है और यह बालों के जरिए फैलती है। उसने कहा कि सरकार ने बीमारी से बचाव के लिए सिर मुंडवाने वालों को आर्थिक सहायता देने की विशेष योजना शुरू की है।

आरोपी ने एक महिला को फोन कर बताया कि महिलाओं को सिर मुंडवाने पर 15,000 रुपये, पुरुषों को 6,000 रुपये और कॉलेज छात्रों को 45,000 रुपये दिए जाएंगे। उसने यह भी कहा कि पूरे तालुक में केवल 18 टोकन उपलब्ध हैं, इसलिए जल्द निर्णय लेना होगा। भरोसा दिलाने के लिए उसने व्हाट्सऐप पर कुछ महिलाओं के मुंडन और 500 रुपये के नोटों की तस्वीरें भी भेजीं, जिससे योजना वास्तविक लगने लगी।

उस महिला ने इस जानकारी को अपने इलाके की लगभग 20 महिलाओं तक पहुंचाया। इनमें 63 वर्षीय चित्रा, 62 वर्षीय रामायी और 64 वर्षीय कावेरी ने सरकारी लाभ मिलने की उम्मीद में स्थानीय सैलून जाकर अपना सिर मुंडवा लिया, जबकि अन्य महिलाएं भी अपनी बारी का इंतजार करती रहीं।

कई दिन बीतने के बाद भी जब किसी को पैसा नहीं मिला और आरोपी का फोन बंद मिला, तो महिलाओं को शक हुआ। वे अट्टूर तहसील कार्यालय पहुंचीं, जहां अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई सरकारी योजना, बीमारी संबंधी चेतावनी या मुंडन अभियान कभी जारी नहीं किया गया था।

इसके बाद महिलाओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने अरियालुर जिले के जयंकोंडम निवासी 39 वर्षीय सतीशकुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह इंस्टाग्राम पर वायरल होने वाले प्रैंक वीडियो से प्रभावित था और उसी तरह का मजाक वास्तविक जीवन में करना चाहता था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उसने इसी तरह की धोखाधड़ी अन्य लोगों के साथ भी की थी या नहीं। यह घटना सोशल मीडिया से प्रेरित फर्जीवाड़े और सरकारी योजनाओं के नाम पर फैलाए जाने वाले झूठे दावों से सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

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