Up kiran,Digital Desk : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर पहुंचे और ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय 'बस्तर पंडुम 2026' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शाह ने कहा कि सरकार बस्तर की संस्कृति और विरासत को आने वाले दशकों तक सुरक्षित रखना चाहती है।
शाह का संदेश: नक्सलियों से आत्मसमर्पण और पुनर्वास पर जोर
अमित शाह ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की माओवादी पुनर्वास नीति सबसे आकर्षक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग स्कूल और अस्पताल जलाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और हिंसा का कड़ा जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा ने समाज को कभी लाभ नहीं पहुंचाया, बल्कि विनाश ही फैलाया है।
बस्तर की संस्कृति और विकास पर शाह की चर्चा
शाह ने बताया कि जो बस्तर कभी नक्सल हिंसा का गढ़ माना जाता था, आज यह जनजातीय कला, संस्कृति और गौरव का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का लक्ष्य बस्तर की पहचान बंदूक और विस्फोटकों से नहीं बल्कि परंपरा और संस्कृति से स्थापित करना है। शेष बचे नक्सली, जिनमें युवा आदिवासी लड़कियां भी शामिल हैं, उनके पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्कूली बच्चों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का उत्साह
समारोह में हजारों स्कूली बच्चों ने 'ऐसा जादू है मेरे बस्तर में' गीत पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। यह गीत बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। बच्चों के प्रदर्शन ने शाह और अन्य अतिथियों का उत्साहवर्धन किया। बालिकाओं ने मलखंब प्रदर्शन भी किया, जिसे शाह ने सराहा और उन्हें बधाई दी।
सांस्कृतिक संरक्षण और नेतृत्व की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने क्षेत्रीय नेतृत्व की प्रतिबद्धता को दर्शाया। अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया।
_458833691_100x75.png)
_1494112735_100x75.png)
_443357729_100x75.png)
_1067153006_100x75.png)
_723347505_100x75.png)