'बिहार में भी यूपी मॉडल की तरह हो एक्शन', मधुबनी गोलीकांड पर बोले तेजस्वी यादव
बिहार के मधुबनी जिले में हाल ही में हुए दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले गोलीकांड ने पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद राज्य का सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कद्दावर नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर करारा हमला बोलते हुए एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी मांग रख दी है। तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि बिहार में अब ढुलमुल रवैये से काम नहीं चलेगा, बल्कि अपराधियों और बेखौफ बदमाशों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के 'यूपी मॉडल' (Yogi Model) की तर्ज पर कठोरतम प्रशासनिक और कानूनी एक्शन लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मधुबनी में सरेआम गोलीबारी करके बेगुनाह लोगों को मौत के घाट उतारा गया या गंभीर रूप से घायल किया गया, उससे स्पष्ट है कि राज्य में अपराधियों का मनोबल चरम पर है। तेजस्वी यादव के इस अप्रत्याशित बयान ने बिहार के राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि विरोधी खेमे के नेता द्वारा यूपी के बुलडोजर और एनकाउंटर मॉडल का उदाहरण देना अपने आप में एक बहुत बड़ा राजनीतिक मोड़ माना जा रहा है।
जानिए क्या था मधुबनी का वह खूनी गोलीकांड जिसने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया
मधुबनी जिले के एक शांत इलाके में हुई यह वारदात किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं थी। आपसी रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई या जमीनी विवाद को लेकर बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दी। इस खूनी गोलीबारी की चपेट में आने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और पूरे इलाके में भगदड़ तथा चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, अपराधी असलहे लहराते हुए मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। इस घटना के बाद से पूरे मधुबनी जिले में भारी तनाव पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस को समय रहते सूचना दी गई थी, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण अपराधियों को वारदात को अंजाम देकर आसानी से भागने का मौका मिल गया। इस घटना की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया में फैली, बिहार के कोने-कोने से जनता का गुस्सा सरकार के खिलाफ फूट पड़ा।
'अपराधियों के मन में कानून का खौफ खत्म', तेजस्वी ने नीतीश सरकार की पुलिसिंग पर दागे तीखे सवाल
मधुबनी गोलीकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने और उनका हालचाल जानने के बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया के सामने आकर सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज पूरी तरह से खत्म हो चुका है और अपराधी बेखौफ होकर अपनी मर्जी से घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि जब तक सरकार और पुलिस महकमा अपराधियों के दिलों में खौफ पैदा नहीं करेगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना नामुमकिन है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में माफियाओं, गैंगस्टरों और दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाती है, उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलता है और कठोर पुलिसिया एक्शन देखने को मिलता है, ठीक वैसा ही सख्त रवैया बिहार में भी अपनाना पड़ेगा। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री केवल सुशासन का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत में आम जनता गोलियों का शिकार हो रही है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
तेजस्वी के 'यूपी मॉडल' बयान पर गर्माई बिहार की सियासत, सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग तेज
तेजस्वी यादव द्वारा 'यूपी मॉडल' की वकालत किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में बयानों की बाढ़ आ गई है। सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) गठबंधन के नेताओं ने तेजस्वी यादव के इस बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो लोग हमेशा से यूपी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं, आज वे खुद उसी मॉडल की तारीफ करने पर मजबूर हो गए हैं। सत्ता पक्ष के प्रवक्ताओं का कहना है कि बिहार पुलिस अपनी कानूनी सीमाओं के भीतर रहकर निष्पक्ष जांच कर रही है और मधुबनी गोलीकांड में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं दूसरी ओर, आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव का मुख्य उद्देश्य सरकार को जगाना और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना है, क्योंकि राज्य की मौजूदा पुलिसिंग व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इस पूरे मामले को लेकर विधानसभा से लेकर सड़कों तक विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक घमासान तेज होने के पूरे आसार दिखाई दे रहे हैं।
निष्कर्ष: जनता को चाहिए त्वरित न्याय और अपराधियों पर निर्णायक कार्रवाई
संक्षेप में कहें तो मधुबनी गोलीकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह बिहार की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला एक बड़ा आईना है। तेजस्वी यादव द्वारा उठाई गई 'यूपी मॉडल' जैसी सख्त कार्रवाई की मांग इस बात को दर्शाती है कि आम जनता और जनप्रतिनिधि अब अपराधियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के ठोस और निर्णायक एक्शन चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि नीतीश सरकार और बिहार पुलिस इस खूनी वारदात के दोषियों के खिलाफ कितनी तेजी से और कितनी सख्त कार्रवाई करके कानून व्यवस्था का इकबाल बुलंद करती है।