AEDO परीक्षा धांधली मामला: EOU की बड़ी कार्रवाई, BARC में कार्यरत तकनीकी कर्मी समेत 2 शातिर गिरफ्तार
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं में सेंध लगाने वाले सॉल्वर गैंग और फर्जीवाड़ेबाजों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU - Economic Offences Unit) ने एक बहुत बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है। बहुचर्चित AEDO (Assistant Exhibition and Design Officer) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के मामले में EOU की विशेष टीम ने दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़ा गया एक आरोपी देश के प्रतिष्ठित संस्थान भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत है। आइए जानते हैं EOU की इस बड़ी कार्रवाई और इस पूरे फर्जीवाड़े से जुड़ी हर एक खास बात।
कैसे हुआ AEDO परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा?
बिहार में हाल ही में आयोजित की गई AEDO परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने, सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने और परीक्षा प्रक्रिया में भारी पैमाने पर धांधली किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर EOU ने इस पूरे सिंडिकेट के खिलाफ ताबड़तोड़ अनुसंधान शुरू किया था। तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल साक्ष्यों और पुख्ता इनपुट के आधार पर EOU की विशेष टीमों ने जाल बिछाकर इस रैकेट के दो शातिर मोहरों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) का निकला आरोपी
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक शख्स सीधे तौर पर देश के नामचीन परमाणु अनुसंधान संस्थान 'भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर' (BARC) से जुड़ा हुआ है:
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वैज्ञानिक या तकनीकी पद पर था तैनात: शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी BARC के अंदर तकनीकी या वैज्ञानिक सहायता से जुड़े पदों पर कार्यरत था और अपनी पहुंच व रुतबे का इस्तेमाल कर इस तरह के परीक्षा घोटालों और सॉल्वर नेटवर्क को शह दे रहा था।
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परीक्षा माफियाओं से जुड़े तार: EOU की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह आरोपी तकनीकी दक्षता का इस्तेमाल करके परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को नकल कराने, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए पास कराने या प्रश्नों के उत्तर लीक करने के बड़े खेल में शामिल था।
EOU की आगे की कार्रवाई और कड़ा संदेश
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधिकारियों का कहना है कि इस परीक्षा घोटाले में शामिल अन्य चेहरों की पहचान भी कर ली गई है और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े और भी बड़े खुलासे किए जाएंगे। पकड़े गए दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक किन-किन अन्य परीक्षाओं में इस तरह की सेंधमारी की है। EOU की इस सख्त कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।