कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फंदे से लटकी मिली 9वीं की छात्रा, हॉस्टल में मचा हड़कंप; जांच में जुटी पुलिस
बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। रीगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रेवासी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का शव विद्यालय परिसर की ऊपरी मंजिल पर फंदे से लटकता हुआ बरामद किया गया। घटना की खबर फैलते ही पूरे हॉस्टल और स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही रीगा थाने की पुलिस टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना करते हुए शव को कब्जे में लेकर कानूनी जांच शुरू कर दी। मृत छात्रा की पहचान मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले के फेनहरा थाना क्षेत्र के खान पिपरा गांव निवासी रामनंदन शाह की पुत्री रजनी कुमारी के रूप में की गई है।
एक माह पूर्व हुआ था दाखिला, हॉस्टल में नहीं रहना चाहती थी छात्रा
मामले की जानकारी देते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) आशीष आनंद ने बताया कि रजनी कुमारी का दाखिला लगभग एक महीने पहले ही इस आवासीय विद्यालय में कराया गया था।
शुरुआती पूछताछ और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा हॉस्टल के माहौल में सहज महसूस नहीं कर रही थी और वहां रहने की अनिच्छुक थी। करीब 15 दिन पहले उसकी छोटी बहन का दाखिला भी इसी विद्यालय में कराया गया था ताकि दोनों साथ रह सकें। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि शनिवार को ही रजनी के बुआ और फूफा उसे समझा-बुझाकर वापस विद्यालय छोड़कर गए थे और उन्होंने दुर्गा पूजा के त्योहार पर उसे घर ले जाने का आश्वासन भी दिया था। परिजनों के विद्यालय परिसर से निकलने के कुछ ही देर बाद छात्रा का शव हॉस्टल की ऊपरी मंजिल पर फंदे से झूलता पाया गया।
असली वजहों की पड़ताल में जुटी पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन, वार्डन, शिक्षिकाओं और साथी छात्राओं से गहन पूछताछ की है। पुलिस इस बात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि घटना से ठीक पहले छात्रा की गतिविधियां क्या थीं और उस दौरान ऊपरी मंजिल के आसपास कौन-कौन मौजूद था।
सदर एसडीपीओ आशीष आनंद ने स्पष्ट किया कि यद्यपि प्रारंभिक पड़ताल में छात्रा के हॉस्टल में न रहने की इच्छा की बात सामने आई है, लेकिन इसे सीधे तौर पर घटना की अंतिम वजह नहीं ठहराया जा सकता। मौत के पीछे की वास्तविक और सटीक वजह गहन अनुसंधान के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पुलिस हर संभावित कानूनी और फॉरेंसिक एंगल से मामले की छानबीन कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।