त्योहारी सीजन से पहले ग्राहकों को बड़ा झटका! महंगे होंगे Samsung, LG और Sony के स्मार्ट टीवी; जानें वजह
स्मार्टफोन के बाद अब घरेलू मनोरंजन का सबसे अहम साधन स्मार्ट टीवी भी आम जनता की जेब पर भारी पड़ने वाला है। इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेमोरी कंपोनेंट्स की आसमान छूती कीमतों और डिस्प्ले पैनल्स के महंगे होने के कारण टीवी निर्माता कंपनियों के बीच खलबली मची हुई है।
आगामी त्योहारी सीजन (फेस्टिव सीजन) की शुरुआत से ठीक पहले इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मैन्युफैक्चरर्स कीमतों में बढ़ोतरी करने के लिए पूरी तरह मजबूर नजर आ रहे हैं, जिसका सीधा असर फेस्टिव सेल में खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों के बजट पर पड़ने वाला है।
दिग्गज डिस्प्ले सप्लायर्स ने सैमसंग, एलजी और सोनी को दी प्राइस हाइक की चेतावनी
बाजार विश्लेषकों की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की प्रमुख डिस्प्ले निर्माता कंपनियों जैसे BOE, TCL CSOT और HKC ने सैमसंग (Samsung), एलजी (LG) और सोनी (Sony) जैसी वैश्विक टेक कंपनियों को पैनल्स की कीमतों में बढ़ोतरी की आधिकारिक सूचना भेज दी है। हालांकि, तकनीकी हलकों में यह भी चर्चा है कि यह मूल्य वृद्धि केवल चिपसेट या मेमोरी कंपोनेंट्स की वास्तविक कमी के कारण नहीं हो रही है, बल्कि डिस्प्ले निर्माता कंपनियां जानबूझकर अपने उत्पादन (प्रोडक्शन) में कटौती कर बाजार में कृत्रिम रूप से दाम बढ़ा रही हैं।
चीनी कंपनियों की 70% क्षमता पर काम करने की रणनीति, सप्लाई में आई भारी गिरावट
दुनियाभर में LED और LCD पैनल बनाने वाली ज्यादातर बड़ी चीनी कंपनियों ने सितंबर से ही कीमतों में वृद्धि लागू कर दी है, जिसका वास्तविक और व्यापक असर भारतीय व वैश्विक खुदरा बाजार में अगली तिमाही से स्पष्ट दिखाई देगा। रिपोर्ट के अनुसार, ये सप्लायर्स इस समय अपनी कुल उत्पादन क्षमता के महज 70 फीसदी हिस्से पर ही काम कर रहे हैं। प्रोडक्शन घटाने से खुले बाजार में डिस्प्ले पैनल्स की आपूर्ति तेजी से घटी है, जबकि त्योहारी मांग जस की तस बनी हुई है। मांग और आपूर्ति के इसी असंतुलन को पैनल की कीमतें बढ़ाने का सबसे बड़ा हथियार बनाया गया है।
बड़े स्क्रीन साइज पर चीनी कंपनियों का एकाधिकार, मुनाफा बढ़ाने के लिए उत्पादन सीमित
डिस्प्ले निर्माताओं का तर्क है कि बाजार में ओवरसप्लाई (अत्यधिक आपूर्ति) को रोकने और अपने गिरते प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए उत्पादन को योजनाबद्ध तरीके से सीमित किया जा रहा है। वैश्विक स्तर पर स्मार्ट टीवी असेंबल करने वाले दिग्गज ब्रांड्स इन चीनी सप्लायर्स पर पूरी तरह निर्भर हैं। विशेष रूप से 65 इंच, 75 इंच और 85 इंच वाले प्रीमियम और लार्ज स्क्रीन टीवी पैनल्स के वैश्विक बाजार पर करीब 70 से 80 प्रतिशत कब्जा इन्हीं चीनी डिस्प्ले निर्माताओं का है, जिससे कंपनियों के पास बढ़े हुए दाम स्वीकार करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है।
इन 2 मुख्य वजहों से जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
स्मार्ट टीवी के दामों में संभावित उछाल के पीछे दो बड़े और ठोस तकनीकी कारण सामने आए हैं। पहला कारण यह है कि स्मार्टफोन्स की तरह अब स्मार्ट टीवी के मदरबोर्ड में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक रैम और फ्लैश मेमोरी कंपोनेंट्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कमी हो गई है, जिससे इन कंपोनेंट्स की प्रोक्योरमेंट कॉस्ट (खरीद लागत) काफी बढ़ गई है। दूसरा कारण डिस्प्ले पैनल की कृत्रिम किल्लत है, जिसने टीवी के सबसे महंगे हिस्से यानी स्क्रीन की लागत को बढ़ा दिया है। इन दोनों दबावों के चलते कंपनियां बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने की तैयारी में हैं।