ECI विवाद में चिराग पासवान का बड़ा बयान, ज्ञानेश कुमार को लेकर कही दो टूक बात

ECI विवाद में चिराग पासवान का बड़ा बयान, ज्ञानेश कुमार को लेकर कही दो टूक बात

निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी तीखी सियासी तकरार के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अहम प्रतिक्रिया सामने आई है।

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने दो टूक कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और खासतौर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे हर सवाल का कड़ा और स्पष्ट जवाब देना चाहिए। चिराग पासवान ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी प्रक्रिया पर आम जनता का भरोसा किसी भी कीमत पर कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो यह मुख्य निर्वाचन आयुक्त का दायित्व बनता है कि वे अपने पक्ष को पूरी मजबूती से सामने रखें, ताकि देशवासियों के मन में किसी भी प्रकार का संशय न रहे।

विपक्ष का काम राजनीति करना, लेकिन आयोग शंकाओं का समाधान करे

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष के आक्रामक रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्षी दलों द्वारा ऐसे मुद्दे उठाने से उन्हें कोई हैरानी नहीं है, क्योंकि राजनीति करना विपक्ष का काम है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि संवैधानिक संस्था होने के नाते चुनाव आयोग की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह चुनावी निष्पक्षता और प्रक्रियाओं को लेकर व्यक्त की जा रही चिंताओं का बिंदुवार समाधान करे। चिराग का यह बयान ऐसे नाजुक समय में आया है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान और मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर को लेकर ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ विवाद

यह पूरा सियासी घमासान अंग्रेजी दैनिक 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक खोजी रिपोर्ट के बाद भड़का है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हाल के महीनों में चुनाव आयोग के भीतर ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से उनके दो सहयोगी चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—द्वारा मतदाता डेटाबेस की प्रामाणिकता, नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े नियमों में फेरबदल और मतदाता सूचियों (Voter Lists) की डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल पूछे गए थे। आंतरिक असहमति की यह खबर बाहर आते ही विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

राहुल गांधी का कड़ा हमला: 2024 के लोकसभा चुनाव को बताया फर्जी

इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला था। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर भारत के जनादेश को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए उन्हें 'देशद्रोही' करार दिया और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। राहुल ने यहां तक दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव और हालिया विधानसभा चुनाव पूरी तरह से धांधली से प्रभावित थे। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को मामले में 'अनुमोदक' (सरकारी गवाह) बनने की नसीहत देते हुए कहा कि साथी चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने प्रक्रिया पर सवाल उठाकर एक तरह से 'वोट चोरी' की बात को स्वीकार किया है। राहुल ने दोहराया कि चुनाव आयोग देश के मतों का संस्थागत संरक्षक है और उनके पास चुनावों में धांधली साबित करने के लिए पर्याप्त से ज्यादा सबूत मौजूद हैं।