बिहार में कमजोर पड़ा चक्रवात 'अर्नब', खिली धूप से 6 डिग्री तक चढ़ेगा पारा; इन 12 जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट
बिहार के आसमान से चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का साया अब पूरी तरह छंटने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पटना के अनुसार, चक्रवात का केंद्र बंगाल और ओडिशा की सीमाओं से दूर आंध्र प्रदेश तट की तरफ स्थानांतरित हो चुका है, जिसके चलते उत्तर और मध्य बिहार में इसका असर लगभग समाप्त हो गया है। रविवार को उत्तर-पूर्वी सीमांचल के सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व के जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर जिले में कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या बहुत हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है। राजधानी पटना समेत राज्य के शेष 26 जिलों में मौसम शुष्क और साफ रहेगा। धूप निकलने के कारण अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस का बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 3 से 4 दिनों तक स्थिर रहेगा।
बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिमी बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा जबकि बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राज्यभर में कुल संचयी वर्षा 55.1 मिमी तक पहुंच गई थी, जिससे दिन के पारे में 1 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई थी। रोहतास और भोजपुर में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चलीं। राज्य में सबसे अधिक तापमान भभुआ में 32.7 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान अरवल में 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
मुजफ्फरपुर और आसपास के उत्तर बिहार के जिलों में अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद पारे ने रफ्तार पकड़ी है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर के मुताबिक, मुजफ्फरपुर में दिन और रात दोनों के तापमान में 3 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जहां अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दो दिनों की इस गर्माहट के बाद पारे में औसतन 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह-शाम ठंडक बढ़ेगी।
भागलपुर और अंग क्षेत्र में दो दिनों बाद खिली धूप से लोगों को नमी और गलन से राहत मिली है। हालांकि शनिवार रात छिटपुट बूंदाबांदी हुई और सबौर क्षेत्र में 8.2 मिमी पानी गिरा। यहां अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि बंगाल की खाड़ी में एक और नया चक्रवाती सिस्टम आकार ले रहा है, जिसके प्रभाव से 1 से 4 नवंबर के दौरान दक्षिण बिहार में एक बार फिर मौसमी हलचल बढ़ सकती है।
पूर्णिया और कोसी बेल्ट में धूप खिलते ही अधिकतम तापमान में सीधे 7 डिग्री सेल्सियस की रिकॉर्ड छलांग देखी गई, जिससे पारा 30.4 डिग्री पर पहुंच गया और न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार दो दिनों तक घने बादलों और रिमझिम फुहारों के चलते जो कनकनी और सिहरन बनी हुई थी, चटक धूप निकलते ही उससे लोगों को राहत मिली है।