380 KM की दंडवत यात्रा: पति थका तो पत्नी ने संभाला मोर्चा, इस कांवरिया जोड़े की भक्ति देख सब हैरान
सावन के पवित्र महीने में आस्था के कई अनूठे रंग देखने को मिलते हैं, लेकिन बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले नवगछिया पुलिस जिला से एक ऐसी अद्भुत और दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है, जो हर शिवभक्त के लिए प्रेरणा बन गई है। यहाँ सड़क पर एक पति-पत्नी (दांपत्य) का कांवरिया जोड़ा लगातार दंडवत प्रणाम (जमीन पर लेटकर) करते हुए सुल्तानगंज की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। इनकी असीम शिवभक्ति और समर्पण को देखकर रास्ते से गुजरने वाला हर शख्स नतमस्तक हो रहा है।
पति के थकने पर पत्नी निभा रही सफर में साथ
इस बेहद कठिन और दुर्गम यात्रा की सबसे भावुक कर देने वाली बात इस जोड़े का आपसी तालमेल और प्रेम है। तपती सड़क पर लगातार दंड देते-देते जब पति के शरीर की ऊर्जा जवाब दे जाती है और वह थक जाते हैं, तब उनकी धर्मपत्नी तुरंत मोर्चा संभाल लेती हैं। पति के विश्राम करते ही पत्नी सड़क पर लेटकर शिव की आराधना में दंड देना शुरू कर देती हैं। पति-पत्नी का यह अटूट विश्वास और महादेव के प्रति उनका यह समर्पण वहां से गुजरने वाले हर श्रद्धालु का दिल जीत रहा है।
पश्चिम बंगाल से शुरू की 380 किलोमीटर की कठिन डगर
इस शिवभक्त दांपत्य ने बताया कि वे मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और वहीं स्थित अपने पैतृक गांव से इस दंडवत यात्रा की शुरुआत की है। उनके घर से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की कुल दूरी लगभग 380 किलोमीटर है। उन्होंने अपनी यह कठोर संकल्प यात्रा इसी महीने की 10 तारीख को शुरू की थी। उनके सफर का नियम बेहद सादा है—दिनभर दंडवत यात्रा करने के बाद जहां भी रात होती है, वे किसी नजदीकी शिव मंदिर में आसरा लेते हैं और अगली सुबह फिर अपनी मंजिल की ओर निकल पड़ते हैं।
सुल्तानगंज में गंगा स्नान के बाद लेंगे देवघर का संकल्प
यह अनोखा शिवभक्त जोड़ा अपनी यात्रा के पहले पड़ाव में दंडवत करते हुए सुल्तानगंज के प्रसिद्ध बाबा अजगैबीनाथ धाम पहुंचेगा। वहां पहुंचकर दोनों उत्तरवाहिनी पवित्र गंगा नदी में स्नान करेंगे और जल भरकर आगे की यात्रा का संकल्प लेंगे। इसके बाद यह जोड़ा फिर से सुल्तानगंज से दंडवत प्रणाम करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए प्रस्थान करेगा, जहां वे भोलेनाथ का जलाभिषेक कर अपनी विशेष मन्नत पूरी करेंगे।