बिहार की राजनीति में भूचाल, जानें बीजेपी के 30 साल पुराने अजेय किले में कैसे प्रशांत किशोर ने लगाई ऐतिहासिक सेंध
बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होती दिख रही है। जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के संस्थापक और जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपने पहले ही प्रत्यक्ष चुनावी मुकाबले में ऐतिहासिक राजनीतिक सेंध लगाई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पारंपरिक और सबसे सुरक्षित गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने शानदार बढ़त हासिल कर ली है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में प्रशांत किशोर ने अपने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी नीरज कुमार सिन्हा पर 15,864 वोटों की मजबूत बढ़त बना ली है। मतगणना के दौरान किशोर के पक्ष में अब तक 53,566 वोट पड़े हैं, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 37,702 वोट मिले हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार रेखा कुमारी 11,933 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
क्यों जरूरी हुआ था बांकीपुर उपचुनाव और कैसे हुआ मतदान
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति तब बनी जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन विधायक नितिन नबीन ने राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद अप्रैल में इस सीट से इस्तीफा दे दिया था। नितिन नबीन ने नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर लगातार पांचवीं बार शानदार जीत दर्ज की थी। इस बार बांकीपुर उपचुनाव के लिए कुल 26 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जुलाई को संपन्न हुए इस उपचुनाव में कुल 34.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा पिछले साल के विधानसभा चुनाव के 41.45 प्रतिशत मतदान की तुलना में करीब सात प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है, जिसके बावजूद प्रशांत किशोर का यह प्रदर्शन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
भाजपा के तीन दशक पुराने किले को मिल रही कड़ी चुनौती
बांकीपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भाजपा के लिए बेहद मजबूत रहा है। यह निर्वाचन क्षेत्र, जो कभी पटना पश्चिम के नाम से जाना जाता था, साल 1995 से लगातार भाजपा के पास सुरक्षित रहा है और पार्टी ने यहां कभी हार का सामना नहीं किया है। साल 2025 के आम विधानसभा चुनावों में नितिन नबीन ने इस सीट पर 98,299 वोट हासिल कर आरजेडी की उम्मीदवार रेखा कुमारी को भारी अंतर से हराया था।
इस बार भाजपा ने अपने इस दशकों पुराने और अजेय दुर्ग को बचाने के लिए युवा विंग के नेता नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, जन सुराज पार्टी के बैनर तले चुनावी अखाड़े में उतरे प्रशांत किशोर ने इस बार के मुकाबले को बिहार के इतिहास के सबसे रोमांचक और अप्रत्याशित चुनावों में बदल दिया है।