स्टेशन पर करता रहा इंतजार, घर लौटते ही लगाई फांसी! इंस्टाग्राम वाली मोहब्बत का सबसे खौफनाक अंत
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक प्रेम कहानी का बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला अंत सामने आया है। सोशल मीडिया पर रील्स देखते-देखते शुरू हुआ प्यार, शादी, दो साल की जेल और आखिरकार धोखे की भेंट चढ़ गया। मीनापुर थाना क्षेत्र की अलीनेउरा पंचायत स्थित छेगन नेउरा गांव में 22 वर्षीय युवक अमरजीत राम ने अपने ही कमरे में साड़ी का फंदा लगाकर जान दे दी। युवक महज तीन महीने पहले ही अपनी मोहब्बत के लिए दो साल की सजा काटकर जेल से रिहा हुआ था, लेकिन पत्नी के कथित धोखे और मानसिक तनाव ने उसकी जिंदगी छीन ली।
शनिवार सुबह जब परिजनों ने विनोद राम के 22 वर्षीय बेटे अमरजीत का शव पंखे से लटकता देखा, तो घर में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मीनापुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। जांच अधिकारियों ने कमरे से भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।
परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर किया था प्रेम विवाह
मृतक के चचेरे भाई अमर कुमार के मुताबिक, कुछ साल पहले इंस्टाग्राम पर रील्स देखने और चैटिंग के दौरान अमरजीत का संपर्क उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली सुरभि पटेल से हुआ था। धीरे-धीरे बातचीत प्यार में बदली और दोनों ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लिया। शादी के तुरंत बाद लड़की के पिता ने जौनपुर में अमरजीत के खिलाफ नाबालिग बेटी के अपहरण और जबरन विवाह की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करा दी। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर अमरजीत को करीब दो साल जेल की सलाखों के पीछे गुजारने पड़े थे।
लगभग तीन महीने पहले जेल से छूटकर अपने पैतृक गांव लौटे अमरजीत का संपर्क पत्नी से लगातार बना हुआ था। परिजनों ने बताया कि हाल ही में बुधवार को युवती ने फोन कर अमरजीत को बताया कि वह ससुराल आने के लिए मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंच चुकी है। खबर मिलते ही अमरजीत गाड़ी लेकर स्टेशन पहुंचा और घंटों तक स्टेशन परिसर व आसपास के इलाकों में पागलों की तरह उसे तलाशता रहा, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। स्टेशन पर हुए इस धोखे के बाद से अमरजीत गहरे अवसाद और मानसिक तनाव में घिर गया था। पुलिस का कहना है कि मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या के लिए उकसाने वाले कारणों की तह तक पहुंचा जा सके।