सड़क हादसे में बची जान, लेकिन एक 'इंजेक्शन' ने छीन ली 30 साल की महिला की सांसें, परिजनों ने काटा बवाल
बिहार के बांका जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सड़क हादसे में घायल एक महिला ने भागलपुर के जेएलएनएमसीएच (मायागंज) अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार को दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक महिला के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
'एक इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ गई तबीयत'
मृतका की पहचान बांका जिले के नवादा ओपी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विष्णुपुर गांव निवासी 30 वर्षीय खुशबू देवी (पति- विजय पाल) के रूप में हुई है। मृतका के देवर अभिषेक ने मायागंज अस्पताल के मेडिकल स्टाफ पर सीधा आरोप लगाया है। अभिषेक के मुताबिक, हादसे में खुशबू देवी के पैर में गंभीर चोट आई थी, लेकिन जब उन्हें अस्पताल लाया गया तो उनकी स्थिति पूरी तरह से स्थिर (Stable) थी। उनका आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा एक इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और चंद मिनटों में ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का साफ कहना है कि अगर समय रहते सही और उचित इलाज मिलता, तो आज खुशबू देवी जिंदा होतीं।
कैसे हुआ था यह दर्दनाक हादसा?
जानकारी के अनुसार, खुशबू देवी अपने गांव के ही दीपक कुमार की मोटरसाइकिल पर बैठकर अपना इलाज कराने के लिए जा रही थीं। इस बाइक पर दीपक कुमार की पत्नी रिंकी देवी भी उनके साथ सवार थीं। सफर के दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बाइक सवार तीनों लोग बुरी तरह घायल हो गए।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे के बाद दीपक कुमार और उनकी पत्नी रिंकी देवी को धोरैया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। वहीं, खुशबू देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) रेफर किया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। मौत की सूचना मिलने के बाद बरारी कैंप थाना की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गई है।