सीवान नगर परिषद की कार्यशैली पर उठे सवाल: अपनी ही सरकार के खिलाफ शिकायत पोर्टल पर जाने को मजबूर हुई महिला पार्षद

सीवान नगर परिषद की कार्यशैली पर उठे सवाल: अपनी ही सरकार के खिलाफ शिकायत पोर्टल पर जाने को मजबूर हुई महिला पार्षद

बिहार के सीवान नगर परिषद की कार्यशैली और प्रशासनिक व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है।

मामला तब तूल पकड़ गया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नगर अध्यक्ष अमित कुमार सिंह 'सोनू' की माता और वार्ड संख्या-37 से वार्ड पार्षद प्रेमलता देवी को अपने ही वार्ड की बुनियादी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए मजबूरन बिहार सरकार के आधिकारिक 'सहयोग पोर्टल' का दरवाजा खटखटाना पड़ा। एक जनप्रतिनिधि द्वारा अपनी ही लोकल बॉडी के खिलाफ इस तरह पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

टूटी सड़कें और खुले नाले बन चुके हैं बड़े हादसे का कारण

वार्ड पार्षद द्वारा सहयोग पोर्टल पर दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत में इस बात का खुलासा किया गया है कि वार्ड संख्या-37 के कई प्रमुख स्थानों पर नालियों के ढक्कन पूरी तरह टूट चुके हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

इसके अलावा, कई आंतरिक सड़कों की लंबे समय से कोई मरम्मत नहीं कराई गई है, जिसके चलते स्थानीय रहवासियों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में इन टूटी सड़कों और खुले नालों की वजह से स्थिति और भी ज्यादा बदतर और खतरनाक हो जाती है।

नगर परिषद के अभियंताओं ने किया मौके पर स्थल निरीक्षण

पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। बुधवार को सीवान नगर परिषद के तकनीकी अभियंताओं (इंजीनियरों) की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वार्ड संख्या-37 का दौरा किया और जमीनी स्तर पर स्थल निरीक्षण किया। जांच टीम ने वार्ड पार्षद द्वारा शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की और मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए उच्च अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्थानीय जनता की नजरें अब समाधान की गति पर टिकीं

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अपनी बात मनवाने के लिए सरकारी पोर्टल का सहारा लेना पड़े, तो इससे साफ जाहिर होता है कि नगर परिषद की आंतरिक व्यवस्था और कामकाज में बड़े सुधार की सख्त जरूरत है। अब पूरे इलाके के लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि अभियंताओं की जांच रिपोर्ट आने के बाद नगर प्रशासन इन समस्याओं का समाधान कितनी तेजी से और प्राथमिकता के साथ करवाता है।

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