राजनीतिक गलियारों में हलचल: प्रशांत किशोर और एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार की 6 घंटे चली मैराथन बैठक, महाराष्ट्र की सियासत गरमाई
बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा झटका देने के बाद जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में बने हुए हैं।
इसी क्रम में प्रशांत किशोर ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की प्रमुख सुनेत्रा पवार से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की है। इस हाई-प्रोफाइल और लंबी मुलाकात के बाद से महाराष्ट्र से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
दक्षिण मुंबई स्थित 'देवगिरी' आवास पर हुई 6 घंटे लंबी चर्चा
यह महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को दक्षिण मुंबई में सुनेत्रा पवार के आधिकारिक आवास 'देवगिरी' पर संपन्न हुई। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात बेहद लंबी चली और करीब छह घंटे तक बंद कमरे में विभिन्न मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। इस साल प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार के बीच यह दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। इससे पहले दोनों की तब मुलाकात हुई थी जब प्रशांत किशोर ने अजीत पवार के निधन के बाद उनके परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं। उस दौरान उनके बेटे पार्थ पवार ने जानकारी दी थी कि प्रशांत किशोर पहले से परिवार को जानते हैं और उन्होंने दुख की घड़ी में सांत्वना दी थी।
एनसीपी की संगठनात्मक मजबूती पर रणनीतिक मंथन
बुधवार को हुई इस लंबी बैठक के संबंध में आधिकारिक तौर पर न तो एनसीपी और न ही जन सुराज पार्टी की तरफ से कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है। हालांकि, मीडिया सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि बैठक का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र में एनसीपी की संगठनात्मक संरचना (Organizational Structure) को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना था। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अपनी सांगठनिक कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव करने पर विचार कर रही है और इसी सिलसिले में चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर से खास सलाह और उनके विचार लिए गए हैं।
'गूंगी गुड़िया' बयान पर छिड़े सियासी संग्राम पर भी चर्चा
इस मैराथन बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी द्वारा सुनेत्रा पवार पर की गई 'गूंगी गुड़िया' वाली विवादित टिप्पणी पर भी विस्तार से चर्चा की। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भारी भूचाल आ गया था और एनसीपी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। इस विवाद में एनसीपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना भी खुलकर सुनेत्रा पवार के समर्थन में उतर आई थी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़ा बयान देते हुए कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने सीधे तौर पर महाराष्ट्र की आधी आबादी यानी महिलाओं का अपमान किया है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने बचाव में तर्क दिया था कि पार्टी ने केवल वही जमीनी बात रखी है जो जनता सुनेत्रा पवार के बारे में मानती है।