6 साल के निष्कासन पर बाहुबली का पलटवार: "मैं तो खुद चाहता था कि निकालें, अब अपनी पार्टी बनाकर दिखाऊंगा!"
जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद बाहुबली नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह का पहला कड़ा रिएक्शन सामने आया है। अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में उन्होंने कहा कि पार्टी के इस फैसले से उन्हें रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ता। अनंत सिंह ने साफ शब्दों में भविष्यवाणी की कि आगामी विधानसभा चुनाव में जेडीयू महज 10 सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है, चुनाव आते ही जनता उन्हें उनकी असल हैसियत समझा देगी। नीतीश कुमार के सियासी प्रभाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बाद इस दल का कोई वजूद नहीं बचेगा और पार्टी अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी है।
भविष्य की राजनीतिक रणनीति और किसी दूसरे दल में शामिल होने के सवाल पर अनंत सिंह ने दो-टूक जवाब दिया कि वे किसी अन्य पार्टी में जाने के बजाय खुद का नया राजनीतिक दल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि वे खुद चाहते थे कि पार्टी उन पर यह कार्रवाई करे। नीतीश कुमार से संपर्क के सवाल पर विधायक ने कहा कि यदि जरूरत महसूस हुई तभी वे बात करेंगे, हालांकि अब उस पार्टी में बात करने जैसा कुछ शेष नहीं रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री के अस्वस्थ रहने का हवाला देते हुए दावा किया कि संगठन को संभालने वाला अब कोई ठोस नेतृत्व नहीं बचा है।
कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी के बारे में अनंत सिंह ने बताया कि पार्टी नेतृत्व की तरफ से उन्हें कोई पत्र या नोटिस नहीं थमाया गया, बल्कि मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए ही उन्हें निष्कासन की खबर मिली। विधानसभा सदस्यता रद्द कराने की जेडीयू की सिफारिश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्हें खुद कोई परवाह नहीं, तो दूसरों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे सीधे-सादे इंसान हैं, उन पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं बनती।
गौरतलब है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव के दौरान जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के विरुद्ध मोर्चा खोलना और जन सुराज प्रत्याशी का खुला प्रचार करना अनंत सिंह को भारी पड़ा। संगठन की समझाइश के बावजूद वे पार्टी लाइन के विरुद्ध मुखर बने रहे, जिससे असहज हुई जेडीयू ने कड़ा कदम उठाते हुए अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी दोनों को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।