गुरु-शिष्य का रिश्ता शर्मसार: 9वीं की छात्रा को नेपाल बेचने ले जा रहा शिक्षक बॉर्डर पर गिरफ्तार, शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड
बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। लखौरा स्थित मॉडल स्कूल +2 सरस्वती विद्या निकेतन के एक शिक्षक ने अपनी ही नौवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा को झांसे में लेकर सीमा पार बेचने की घिनौनी साजिश रची, जिसे भारत-नेपाल सीमा पर मुस्तैद जवानों ने नाकाम कर दिया।
आरोपी शिक्षक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर इंडो-नेपाल बॉर्डर पार कराने की फिराक में था, तभी सीमा सुरक्षा बल (SSB) की 47वीं वाहिनी के महुअवा चेक पोस्ट पर तैनात जवानों को दोनों की संदिग्ध गतिविधियों पर शक हुआ। जवानों ने तुरंत दोनों को रोककर कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद मानव तस्करी की इस खौफनाक साजिश की परतें खुल गईं। एसएसबी ने छात्रा को सुरक्षित बचाकर आरोपी शिक्षक को महुअवा थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जहां से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेज दिया गया है, वहीं पीड़िता को मेडिकल जांच और काउंसलिंग के लिए मोतिहारी चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया है।
शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई, आरोपी शिक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी चंपारण के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजन गिरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी शिक्षक मोहम्मद कासिम आलम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, कासिम आलम मूल रूप से जिले के केसरिया प्रखंड स्थित कढ़ान हाई स्कूल में पदस्थापित था। जून 2026 में लखौरा हाई स्कूल को मॉडल स्कूल का दर्जा दिए जाने और वहां गणित विषय के शिक्षक का पद रिक्त होने के कारण डीईओ के आदेश पर उसे सरस्वती विद्या निकेतन, लखौरा में प्रतिनियुक्त किया गया था। इस काली करतूत के उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग ने उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है ताकि सेवा समाप्ति की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, लखौरा चौक और स्कूल पर जोरदार प्रदर्शन
अपनी ही शिष्या को जिस्मफरोशी या तस्करी के दलदल में धकेलने की इस साजिश की खबर फैलते ही पूरे इलाके में भारी जन-आक्रोश भड़क उठा। लखौरा चौक और स्कूल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और अभिभावक इकट्ठा हो गए और आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग को लेकर घंटों नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन किया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के छौरादानो प्रखंड अंतर्गत दरपा थाना क्षेत्र के पीपरा गांव निवासी जाहिर आलम के बेटे मोहम्मद कासिम आलम के रूप में हुई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी के तार सीमा पार किसी संगठित मानव तस्करी गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।