बिहार पुलिस में सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी! रातोंरात बदले गए कई जिलों के एसपी, हिल गया पूरा महकमा
बिहार में कानून व्यवस्था को और अधिक मुस्तैद करने की दिशा में नीतीश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य प्रशासन ने मंगलवार को पुलिस महकमे में भारी फेरबदल करते हुए 18 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया है। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत राजधानी से लेकर कई प्रमुख जिलों की कमान नए अफसरों के हाथों में सौंपी गई है।
आम जनता की सुरक्षा और थानों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
कई जिलों के बदले गए एसपी
सारण सिवान रोहतास भोजपुर और नालंदा जैसे संवेदनशील जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की गई है। प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार विनीत कुमार को सारण का नया एसएसपी बनाया गया है जबकि अवधेश दीक्षित को भी इसी जिले में नई जिम्मेदारी मिली है। भारत सोनी को भोजपुर का नया एसपी नियुक्त किया गया है और मिस्टर राज को सिवान की कमान सौंपी गई है।
इसके अलावा रोहतास और नालंदा में भी कानून व्यवस्था की बागडोर नए युवा अधिकारियों को दी गई है जिससे स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेष इकाइयों और डीआईजी स्तर पर बदलाव
जिला कमान के अलावा राज्य की खुफिया और जांच एजेंसियों में भी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। सरकार ने मद्यनिषेध आतंकवाद निरोधक दस्ता यानी एटीएस विशेष निगरानी इकाई और मानवाधिकार जैसे महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख चेहरों को बदल दिया है।
अनिल कुमार को मद्यनिषेध एवं एएनटीएफ का डीआईजी बनाया गया है जबकि राजीव रंजन-2 को विशेष निगरानी इकाई की कमान सौंपी गई है। आमीर जावेद को निगरानी ब्यूरो और सुशील कुमार को मानवाधिकार विभाग में अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है ताकि इन संवेदनशील विभागों के कामकाज में और ज्यादा पारदर्शिता और कसावट आ सके।
प्रशासनिक कसावट से बेहतर होगी कानून व्यवस्था
सरकार के इस बड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक अमले में नई ऊर्जा भरना है। पुलिस मुख्यालय से लेकर मैदानी स्तर तक हुए इन बदलावों से राज्य में सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा।
अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर इन अनुभवी अधिकारियों की नई नियुक्तियां बेहद अहम मानी जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि इन बदलावों से पुलिस महकमे की कार्यशैली में सुधार होगा और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत होगी।