जमुई में नाबालिगों से बदसलूकी का वीडियो वायरल, 7 पर FIR, 3 गिरफ्तार

जमुई में नाबालिगों से बदसलूकी का वीडियो वायरल, 7 पर FIR, 3 गिरफ्तार

बिहार के जमुई जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कोचिंग से लौट रहे दो नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ दबंगों ने न केवल मारपीट और छेड़खानी की, बल्कि इस पूरी घिनौनी हरकत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

वीडियो के सार्वजनिक मंचों पर तेजी से फैलते ही इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की सख्त धाराओं के तहत 7 आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है, जिनमें से 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए जमुई की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

कोचिंग से लौटते वक्त रास्ते में रोककर की गई बदसलूकी

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह दर्दनाक घटना 19 सितंबर की शाम उस वक्त घटी जब एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले नाबालिग दोस्त क्लास खत्म होने के बाद घर लौट रहे थे। रास्ते में एक जगह रुककर दोनों तस्वीरें खींच रहे थे, तभी स्थानीय मनचलों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। युवकों ने नाबालिग लड़के को बेरहमी से पीटा, धमकाया और छात्रा के साथ सरेराह गंभीर अभद्र व्यवहार व छेड़खानी की। इस दौरान आरोपियों ने खुद मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया। डर और लोकलाज के कारण पीड़ित पक्ष ने शुरुआत में थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन जैसे ही यह क्लिप इंटरनेट पर वायरल हुई, पुलिस हरकत में आई और वीडियो में दिखाई दे रहे दोपहिया वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए पीड़ितों तक पहुंचकर उनका बयान दर्ज किया।

3 आरोपी सलाखों के पीछे, मुख्य आरोपी की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश

जमुई पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में संलिप्त 7 संदिग्धों की पहचान पूरी कर ली गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि वीडियो में छात्रा के साथ मुख्य रूप से दरिंदगी करते दिख रहे मुख्य आरोपी की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। डीएसपी दीप्ति मोनाली के नेतृत्व वाली एसआईटी घटना में शामिल प्रत्येक शख्स की व्यक्तिगत भूमिका और आपराधिक रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है।

आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स पर शिकंजा

पुलिस प्रशासन ने अपराध करने वालों के साथ-साथ इस संवेदनशील वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर और सर्कुलेट करने वालों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। आईटी एक्ट और पॉक्सो कानून के तहत नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करना गंभीर संज्ञेय अपराध है, जिसके मद्देनजर पुलिस साइबर सेल ने ऐसे कई अकाउंट्स को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से इस वीडियो को तत्काल हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं और आम जनता से अपील की गई है कि वे इस क्लिप को किसी भी ग्रुप या सोशल मीडिया पर कतई फॉरवर्ड न करें।

मामले पर भड़का सियासी घमासान, विपक्ष ने सरकार को घेरा

जमुई की इस वारदात के बाद बिहार का राजनीतिक पारा पूरी तरह चढ़ गया है और विपक्षी दलों ने राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर तीखे हमले बोले हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बिहार में बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली और मामले के संज्ञान में आने में हुई देरी पर जवाब मांगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी नीतीश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राज्य में बढ़ते अपराध और प्रशासनिक विफलता पर सरकार से सीधी जवाबदेही तय करने की मांग की है।

शेष 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी तेज

फिलहाल एसआईटी और स्थानीय पुलिस का पूरा ध्यान फरार चल रहे चार अन्य आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने पर केंद्रित है। पुलिस घटना के मूल वीडियो फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और गवाहों के बयानों को जुटाकर एक मजबूत चार्जशीट तैयार करने में जुटी है ताकि फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।