यूरोपीय देश (ब्रिटेन) यूके में वित्तीय प्रौद्योगिकी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वहां के वित्तमंत्री ऋषि सुनक आगामी बजट प्रस्ताव में टेक वीजा सिस्टम का ऐलान कर सकते हैं। इस फास्ट ट्रैक वीजा (Financial technology industry) से सम्बन्धित प्रस्ताव के लिए वो इन दिनों तैयारी में जुटे हुए हैं।

सुनक विश्वभर से प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने के लिए ऐसा कर सकते हैं। इससे ब्रिटेन में स्टार्टअप स्थापित करने एवं लगभग 71 हजार करोड़ रुपये के फिनटेक सेक्टर को गति मिलेगी। स्टार्टअप की स्थापना से अर्थव्यवस्था का विस्तार होगा और नए रोजगार भी पैदा होंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस सिस्टम का अधिक विवरण का अभी पता नहीं चला है लेकिन जानकारों का मानना है कि ये 2020 में ग्लोबल टैलेंट वीजा से मिलता-जुलता होगा। ये वीजा सिस्टम प्रतिभाशाली साइंटिस्टों को आकर्षित करने के लिए बना था।
ब्रिटेन ने ग्लोबल टैलेंट वीजा यूरोपीय यूनियन से अलगाव के बाद नई आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए किया है। इसके जरिये वह विश्व के सर्वोत्कृष्ट प्रतिभाओं को ब्रिटेन की ओर आकर्षित कर उनकी क्षमताओं का इस्तेमाल करना चाहता है। ग्लोबल टैलेंट वीजा से हिंदुस्तानी पेशेवरों को बड़ा लाभ हुआ है और तकनीक से संबंधित ब्रिटेन जो भी नई पहल करेगा उससे भी इंडिया को बड़ा लाभ होगा।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के एजेंटों के देश के अहम जगहों पर कार्य करने की जानकारी प्रकाश में आने के बाद ब्रिटेन भी चाहता है कि भारतीय पेशेवर ही भारी तादाद में उसके प्रतिष्ठानों में कार्य करें। सुनक ने बताया कि वो चाहते हैं कि ब्रिटेन फिनटेक का ग्लोबल हब बने। ऐसा वह यूरोपीय राष्टों के साथ ही बाकी दुनिया के देशों की प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए कह रहे हैं।
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