Up kiran,Digital Desk : बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सर्वेक्षण और संसद संबोधन पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष को विश्वास में नहीं लेते और सर्वदलीय बैठकें नहीं बुलाते, जिससे देश को पाखंड से भरा संदेश जाता है।
विपक्ष का आरोप: बजट सत्र में पारदर्शिता नहीं
जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी अचानक विधेयक पेश करवाकर आवश्यक विधायी जांच के बिना उन्हें पारित करवा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया, "प्रधानमंत्री संसद में बैठकर विपक्ष की चिंताओं का जवाब नहीं देंगे, बल्कि दोनों सदनों में चुनावी रैलियों में भाषण देंगे। प्रत्येक सत्र की शुरुआत से पहले, संसद को पृष्ठभूमि बनाकर देश को वही पाखंड से भरा संदेश दिया जाता है।"
पीएम मोदी का जवाब: मुक्त व्यापार समझौता और मानव-केंद्रित विकास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता भारत के लिए महत्वाकांक्षी है। उन्होंने निर्माताओं से नए बाजारों का लाभ उठाने का आह्वान किया। मोदी ने जोर देकर कहा कि देश लंबे समय से लंबित समस्याओं से उबर रहा है और अब दीर्घकालिक समाधानों की दिशा में काम करना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा, “हमारी सरकार केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं की अंतिम-मील डिलीवरी सुनिश्चित करने पर काम कर रही है। देश के सर्वांगीण विकास के लिए कदम उठाते समय हमारी प्राथमिकता हमेशा मानव-केंद्रित रहती है। आत्मविश्वास से भरा भारत दुनिया के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है।”


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