Up kiran,Digital Desk : भारतीय क्रिकेट के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने हाल ही में सानिया मिर्जा के पॉडकास्ट में अपने करियर, कैंसर और संन्यास के पीछे की वजहों को खुलकर बताया। युवी ने साझा किया कि कैसे उन्हें शुरुआती बदलाव महसूस हुए और डॉक्टर ने उनसे उनके जीवन के लिए चेतावनी दी।
कैंसर का डर और निर्णायक वक्त
युवराज ने बताया कि 2011 वनडे विश्व कप में भारत की जीत के बाद उन्हें कैंसर का पता चला। डॉक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि उनके पास केवल तीन से छह महीने बचे हैं। युवी ने कहा,
“या तो आप क्रिकेट खेलें और मैदान पर ही अपनी जान गंवा दें, या फिर इलाज कराएं। मुझे अपने करियर की पीक पर होने के बावजूद यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।”
साल भर शरीर में बदलाव महसूस
युवराज ने साझा किया कि उन्हें लगभग एक साल से लगातार फ्रैक्चर और पाचन में दिक्कतें हो रही थीं। उस समय तक उन्हें यह नहीं पता था कि उनके शरीर में ट्यूमर है। उन्होंने कहा,
“मैं क्रिकेट को प्राथमिकता दे रहा था क्योंकि भारत में विश्व कप था। लेकिन अंदर से मैं शरीर से संघर्ष कर रहा था।”
दोबारा मैदान पर लौटने की प्रेरणा
युवराज ने कहा कि सौरव गांगुली के संन्यास और टेस्ट क्रिकेट खेलने की इच्छा ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने इलाज के बाद वापसी की और देश के लिए खेलते हुए साबित किया कि वह फिर से मैदान पर लौट सकते हैं।
संन्यास का अंतिम फैसला: सम्मान की कमी
युवराज ने जून 2019 में संन्यास लेने का कारण साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें खेल में मज़ा नहीं आ रहा था और उन्हें लगता था कि उन्हें वह सम्मान और समर्थन नहीं मिल रहा, जिसके लिए उन्होंने खेला।
“जब मेरे पास यह सम्मान नहीं है और खेल में आनंद नहीं है, तो मैं क्यों खेलता? यही कारण था कि मैंने संन्यास ले लिया। उस दिन से मैं फिर से खुद जैसा महसूस करने लगा।”


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