अनाथाश्रम में बीता बचपन, 5 रुपये की दिहाड़ी पर टिकी थी जिंदगी... जानिए कौन हैं उद्यमी ज्योति रेड्डी, जिन्होंने अमेरिका में खड़ी कर दी 1500 करोड़ की विशाल कंपनी
सफलता उम्र, परिस्थितियों और संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इस बात को सच कर दिखाया है देश की प्रेरणादायक महिला उद्यमी ज्योति रेड्डी (Jyoti Reddy) ने। आज के दौर में जहां लोग बड़ी डिग्रियां और पूंजी होने के बाद भी स्टार्टअप में संघर्ष करते हैं, वहीं ज्योति रेड्डी ने अनाथालय के कठिन संघर्षों और बेहद गरीबी को मात देते हुए अमेरिका की धरती पर करीब 1500 करोड़ रुपये (150 Million Dollars) से अधिक की वैल्यू वाली आईटी कंपनी खड़ी कर दी है। उनका यह सफर हर उस इंसान के लिए एक मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों में हार मान लेता है।
अनाथालय में बीता संघर्षपूर्ण बचपन और कम उम्र में शादी
ज्योति रेड्डी का शुरुआती जीवन बेहद दर्दनाक और संघर्षों से भरा रहा था। बहुत छोटी उम्र में ही उन्होंने अपनी मां को खो दिया था, जिसके बाद उनके पिता ने उन्हें और उनकी बहनों को वारंगल (तेलंगाना) के एक सरकारी अनाथालय (Orphanage) में छोड़ दिया था। उनका पूरा बचपन अनाथालय की चारदीवारी के भीतर ही बीता। उन दिनों दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी किसी जंग से कम नहीं था। हालात इतने बदतर थे कि परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए उन्हें मात्र 5 रुपये की दैनिक दिहाड़ी (Daily Wage) पर खेतों में मजदूरी करनी पड़ी। इसके बाद महज 16 साल की कच्ची उम्र में उनकी शादी कर दी गई, जिसके कुछ ही सालों बाद उनके दो बच्चे भी हो गए।
कभी सरकारी स्कूल की शिक्षिका, तो कभी सिलाई का काम
मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। शादी के बाद भी ज्योति रेड्डी का संघर्ष जारी रहा। अपने बच्चों का पेट पालने और खुद के पैरों पर खड़े होने के लिए उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने रात के समय सिलाई (Tailoring) का काम करके कुछ पैसे कमाने शुरू किए। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी और डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका (Teacher) के रूप में मात्र कुछ रुपये के मानदेय पर बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, लेकिन उनके सपने इससे कहीं ज्यादा बड़े थे।
अमेरिका जाने का फैसला और आईटी सेक्टर में एंट्री
ज्योति रेड्डी की जिंदगी में असली मोड़ तब आया जब उन्हें अपनी एक अमेरिकी रिश्तेदार से मिलने का मौका मिला। उन्होंने साल 2000 में भारत छोड़कर अमेरिका जाने का कठिन फैसला लिया। अमेरिका पहुंचने के बाद शुरुआती दिन उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं थे। उन्होंने वहां पेट्रोल पंप पर सेल्सगर्ल से लेकर बच्चों की बेबीसिटिंग और ग्रॉसरी स्टोर पर छोटे-मोटे काम तक किए। लेकिन अमेरिकी संस्कृति और वहां के बिजनेस मॉडल को नजदीक से देखने के बाद उन्होंने कंप्यूटर साइंस की ट्रेनिंग ली और आईटी रिक्रूटमेंट की दुनिया में कदम रखा।
अमेरिका में खड़ी कर दी 1500 करोड़ की कंपनी
अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, बेहतरीन नेतृत्व क्षमता और कभी हार न मानने वाले जज्बे के बल पर ज्योति रेड्डी ने धीरे-धीरे कॉर्पोरेट जगत में अपनी गहरी पैठ बना ली। कुछ ही वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने अमेरिका में अपनी खुद की सॉफ्टवेयर और आईटी कंसल्टिंग कंपनी 'Keysoft Solutions' की नींव रखी। आज उनकी यह कंपनी अमेरिका की एक जानी-मानी फर्म बन चुकी है, जिसकी कुल संपत्ति (Net Worth) और वैल्यूएशन 1500 करोड़ रुपये से अधिक है। आज वह हजारों युवाओं को रोजगार दे रही हैं और दुनिया भर की महिलाओं के लिए एक ग्लोबल मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में जानी जाती हैं।