Crude Oil Price Hike: अभी नहीं थमेगी ईरान की जंग? होर्मुज जलडमरूमध्य पर फंसा पेंच, क्रूड में तेज उछाल; जानिए आज के पेट्रोल-डीजल के दाम

Crude Oil Price Hike: अभी नहीं थमेगी ईरान की जंग? होर्मुज जलडमरूमध्य पर फंसा पेंच, क्रूड में तेज उछाल; जानिए आज के पेट्रोल-डीजल के दाम

मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग कहे जाने वाले 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर अब तक कोई ठोस फैसला न हो पाने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उबाल देखने को मिल रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितताओं ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट पर पड़ रहा है। आइए जानते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर क्यों फंसा है पेंच, क्रूड ऑयल कितना महंगा हुआ है और देश में आज पेट्रोल-डीजल की क्या कीमतें चल रही हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्यों मंडरा रहा है संकट और क्या है ईरान का नया प्रस्ताव?

दुनियाभर के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा जिस बेहद अहम समुद्री मार्ग यानी होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है, उसके ट्रांजिट राइट्स और सुरक्षा नियमों को लेकर तस्वीर अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। हाल ही में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान एक ऐसे नए मसौदे पर विचार कर रहा है जिसके तहत अमेरिकी, इजरायली और अन्य तथाकथित 'शत्रुतापूर्ण' देशों के जहाजों के इस मार्ग से गुजरने पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा, इस रास्ते से गुजरने वाले कार्गो पर 5% से लेकर 7% तक का भारी टोल टैक्स वसूलने का प्रस्ताव भी चर्चा में है, जबकि ओमान लगभग 3% शुल्क की बात कर रहा है और अमेरिका बिना किसी रोकटोक या शुल्क के स्वतंत्र आवाजाही की मांग पर अड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और जहाजों की बीमा से जुड़ी पेचीदगियों के कारण इस संभावित समझौते पर सहमति न बन पाने से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कितनी बढ़ गई है कच्चे तेल की कीमत?

होर्मुज जलडमरूमध्य के इस भू-राजनीतिक विवाद के चलते ग्लोबल एनर्जी मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम तेजी से ऊपर चढ़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) उछलकर लगभग 83 डॉलर से 83.48 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) भी मजबूती के साथ चढ़कर करीब 78 डॉलर से 78.84 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। एनर्जी मार्केट के जानकारों का मानना है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कोई स्थायी, स्पष्ट और कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक कच्चे तेल की कीमतों में यह उठापटक और तेजी का दौर यूं ही जारी रह सकता है।

क्या भारत में बदल गए हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और तेजी का माहौल होने के बावजूद देश के आम नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर यह है कि भारत की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने घरेलू स्तर पर ईंधन के खुदरा दामों में कोई भी बदलाव नहीं किया है। देश के प्रमुख महानगरों और विभिन्न राज्यों के शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट आज भी पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी तेल की कीमतें अपने तय स्तर पर ही टिकी हुई हैं। आपको बता दें कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं, और वैश्विक दबाव के बावजूद घरेलू स्तर पर दाम नियंत्रित रखे गए हैं।

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