जंग और तेल संकट से भी नहीं रुकी भारत के ग्रोथ की गड्डी, छलांगें मारकर दौड़ेगी इकोनॉमी, RBI ने बढ़ाया GDP का अनुमान

जंग और तेल संकट से भी नहीं रुकी भारत के ग्रोथ की गड्डी, छलांगें मारकर दौड़ेगी इकोनॉमी, RBI ने बढ़ाया GDP का अनुमान

वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध के हालात और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बेहद राहत भरी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं को दरकिनार करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की विकास दर (GDP Growth Rate) के अनुमान को बढ़ा दिया है। केंद्रीय बैंक के इस ताजा आंकड़े ने यह साबित कर दिया है कि घरेलू बाजार की मजबूती, मजबूत मांग और सरकार की नीतियों के दम पर भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तमाम बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए तेज रफ्तार से आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

वैश्विक संकटों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत

पिछले कुछ समय से मध्य पूर्व (Middle East) और दुनिया के अन्य हिस्सों में चल रहे संघर्षों के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और क्रूड ऑयल के दामों को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई है। आमतौर पर ऐसे वैश्विक संकटों का असर उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं पर बहुत तेजी से पड़ता है। इसके बावजूद, भारत की आर्थिक स्थिति ने इन सभी दबावों को सफलतापूर्वक बेअसर कर दिया है। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, नियंत्रित खुदरा महंगाई और देश के भीतर मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर के शानदार प्रदर्शन ने ग्लोबल झटकों का डटकर मुकाबला किया है।

RBI ने बढ़ाया GDP ग्रोथ का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा (Monetary Policy) के दौरान चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है। RBI के गवर्नर और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण मांग में लगातार सुधार, कृषि क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन और सरकार द्वारा बुनियादी ढांचा (Infrastructure) पर लगातार किए जा रहे भारी पूंजीगत खर्च (Capex) के कारण देश की आर्थिक वृद्धि दर उम्मीद से बेहतर रहने वाली है। यह अपग्रेड इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी पिछली तिमाहियों के शानदार प्रदर्शन को आगे भी बरकरार रखेगी।

घरेलू मांग और निवेश बन रहे हैं विकास की असली रीढ़

भारतीय अर्थव्यवस्था के इस तेज रफ्तार से दौड़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण मजबूत घरेलू खपत (Domestic Demand) और कॉर्पोरेट निवेश में आया उछाल है। देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी消费 (Consumption) का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा, डिजिटल ट्रांजैक्शन की बढ़ती स्वीकार्यता, टैक्स कलेक्शन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और मेक इन इंडिया पहल के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आ रहे विदेशी निवेश (FDI) ने इकॉनमी को एक नई गति दी है।

दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बना भारत

आज जब दुनिया के कई विकसित देश मंदी (Recession) या सुस्ती के दौर से गुजर रहे हैं, तब भारत का यह आर्थिक प्रदर्शन वैश्विक निवेशकों के बीच एक बड़ा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक जैसी वैश्विक संस्थाएं भी पहले ही यह मान चुकी हैं कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। RBI का यह अनुमान देश के करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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