Gold Crash Alert! अभी तो सिर्फ ₹34000 गिरा, 37% तक सस्ता होगा गोल्ड? सोने पर WGC की बड़ी चेतावनी, जापानी येन से सहारे की उम्मीद

Gold Crash Alert! अभी तो सिर्फ ₹34000 गिरा, 37% तक सस्ता होगा गोल्ड? सोने पर WGC की बड़ी चेतावनी, जापानी येन से सहारे की उम्मीद

बुलियन मार्केट (Bullion Market) में जारी उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमतों को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाने वाला सोना पिछले कुछ समय से निवेशकों की धड़कनें बढ़ा रहा है। जहां घरेलू बाजार में इसके भाव में पहले ही बड़ी गिरावट आ चुकी है, वहीं वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के ताजा आकलन ने निवेशकों और आम खरीदारों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में अभी और भारी करेक्शन देखने को मिल सकता है, जिससे यह अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे फिसल सकता है। आइए जानते हैं कि सोने के बाजार को लेकर WGC ने क्या चेतावनी दी है और आगे क्या स्थिति बन सकती है।

घरेलू बाजार में पहले ही आ चुकी है ₹34,000 तक की बड़ी गिरावट

इस साल की शुरुआत में सोने के दाम आसमान छू रहे थे और भू-राजनीतिक तनाव तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते इसने जबरदस्त रिकॉर्ड बनाए थे। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में बाजार का रुख बदला है। घरेलू सर्राफा बाजार की बात करें तो, साल के शुरुआती उच्च स्तर से सोने की कीमतों में अब तक प्रति 10 ग्राम लगभग 34,000 रुपये तक की भारी गिरावट आ चुकी है। इस गिरावट के बाद जो ग्राहक या निवेशक ऊंचे दामों पर सोना खरीदने से चूक गए थे, वे अब इसे एक सुनहरे मौके के तौर पर देख रहे हैं, लेकिन WGC की चेतावनी ने बाजार का समीकरण उलझा दिया है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की बड़ी चेतावनी: क्या 37% तक टूटेगा भाव?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के लेटेस्ट ट्रेंड्स और रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यदि सोने की कीमतें अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ती हैं, तो इसमें और गहरी गिरावट आ सकती है।

  • WGC का अनुमान है कि यदि स्पॉट गोल्ड का भाव मौजूदा अहम सपोर्ट जोन के नीचे फिसलता है, तो यह गिरकर सीधे $3,500 प्रति औंस के स्तर तक आ सकता है।

  • यदि इस संभावित वैश्विक करेक्शन की तुलना इस साल के शुरुआती ऑल-टाइम हाई (सर्वकालीन उच्च स्तर) से की जाए, तो यह गिरावट लगभग 37 प्रतिशत तक बैठती है।

  • रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इतिहास में जब भी बाजार में इस तरह का बड़ा करेक्शन आया है, तो $3,500 प्रति औंस का स्तर एक मजबूत 'फ्लोर' (आधार) साबित हुआ है।

क्या जापानी येन और अमेरिकी डॉलर बचाएंगे सोने की नैया?

सोन्या की चाल केवल घरेलू कारकों पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्रा बाजार (Forex Market) और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर भी पूरी तरह निर्भर करती है। वर्तमान परिस्थितियों में बाजार की नजरें कुछ खास पहलुओं पर टिकी हैं:

  1. जापानी येन की मजबूती: जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन (Japanese Yen) मजबूत होता है और अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनता है, तो यह स्थिति सोने के लिए एक बड़े सपोर्ट का काम कर सकती है। येन की मजबूती से बुलियन मार्केट को टूटने से बचाने में मदद मिल सकती है।

  2. फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के फैसले: अमेरिकी सेंट्रल बैंक (US Fed) के ब्याज दरों से जुड़े रुख पर भी सोने का भविष्य टिका है। यदि ब्याज दरों में नरमी रहती है या इनमें बढ़ोतरी नहीं की जाती है, तो डॉलर कमजोर होगा, जिसका सीधा फायदा सोने को मिलेगा और कीमतों को नया सहारा मिल सकता है।

  3. भू-राजनीतिक तनाव और कच्चा तेल: मध्य पूर्व के हालातों और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में स्थिरता आने से भी वैश्विक महंगाई नियंत्रित हो रही है, जिसका असर सीधे तौर पर सोने और चांदी की सेफ-हेवन डिमांड पर पड़ रहा है।

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